न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के पश्चिम चंपारण ज़िले में बगहा शहर को प्लास्टिक के जहर से मुक्त करने के लिए बगहा प्रशासन अब 'एक्शन मोड' में है। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह की सख्ती के बाद नगर परिषद की टीम ने शनिवार को बाजारों में अचानक धावा बोल दिया। मीना बाजार और सिंह मार्केट जैसे व्यस्त इलाकों में जब अधिकारियों की गाड़ियां पहुंचीं, तो प्रतिबंधित पन्नियों का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
लाइसेंस दिखाओ या दुकान बढ़ाओ: अधिकारियों का कड़ा अल्टीमेटम
कार्यपालक पदाधिकारी सरोज कुमार बैठा की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई ने केवल प्लास्टिक ही नहीं जब्त किया, बल्कि दुकानदारों के कागजात भी खंगाले। टीम ने साफ कर दिया कि जो लोग बिना 'ट्रेड लाइसेंस' के धंधा कर रहे हैं, उनके पास सिर्फ 3 दिन की मोहलत है। अगर 72 घंटों के भीतर कागजी औपचारिकताएं पूरी नहीं हुईं, तो प्रशासन दुकानों को सील करने में कोई कोताही नहीं बरतेगा।
सिर्फ जब्ती नहीं, अब छिड़ेगी पर्यावरण की जंग
बाजारों में छापेमारी के साथ-साथ नगर प्रबंधक और स्वच्छता पदाधिकारियों ने लोगों को जागरूक भी किया। प्रशासन का संदेश सीधा है—सब्जी मंडी हो या किराने की दुकान, अगर पन्नी दिखी तो खैर नहीं। जनता से गुजारिश की गई है कि वे अब घर से झोला लेकर ही बाहर निकलें, ताकि बगहा को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके। नगर परिषद ने स्पष्ट कर दिया है कि यह छापेमारी कोई एक दिन का तमाशा नहीं है, बल्कि यह सिलसिला अब शहर के हर कोने में चलेगा।