अच्छा तो आरिफ मोहम्मद खान को BJP ने इसलिए हटाया था राज्यपाल के पद से

अच्छा तो आरिफ मोहम्मद खान को BJP ने इसलिए हटाया था राज्यपाल के पद से

भारत सरकार पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारने के लिए बड़े और अप्रत्याशित कदम उठा रही है। आरिफ मोहम्मद खान को बांग्लादेश में उच्चायुक्त बनाए जाने की अटकलें इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत हैं।

अच्छा तो आरिफ मोहम्मद खान को bjp ने इसलिए हटाया था राज्यपाल के पद से

आरिफ मोहम्मद खान को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी |

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

राजनैतिक विश्लेषण / पटना - बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अचानक से हटाए जाने के बाद चर्चा इस बात की हो रही थी कि ऐसा क्या हुआ, जिसकी वजह से उन्हें पद से हटाया गया। अब सूत्र से जो बात छनकर सामने आ रही है उसमें आरिफ मोहम्मद खान का कद और बढ़ने वाला है। आरिफ मोहम्मद खान को बिहार के राज्यपाल पद से अचानक हटाए जाने के बाद से ही चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। राजनीतिक गलियारों के साथ आम लोगों के बीच भी ये चर्चा चल रही थी कि आखिरकार आरिफ मोहम्मद खान को क्यों हटाया गया। लेकिन अब खबर आ रही है कि कई साल बाद केंद्र की मोदी सरकार 3.O एक नया प्रयोग करने जा रही है। अगर बीजेपी का यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय मे पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ भारत के रिश्ते फिर से बेहतर हो सकते हैं।

हाइलाइट्स : 

  • बीजेपी करने जा रही है नया प्रयोग
  • आरिफ मोहम्मद खान को बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी
  • कई बार केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं आरिफ मोहम्मद खान

बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री भारत के साथ कैसा संबंध चाहते हैं

गौरतलब है कि बांग्लादेश में 2024 के छात्र आंदोलन के बाद, 5 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देकर भारत में शरण लेना पड़ा था। बताया जाता है कि अमेरिकी डीप स्टेट द्वारा मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश इसलिए भेजा गया था कि, वह छात्रों को भड़काकर आरक्षण विरोधी आंदोलन को तेज करें और हिंसक विरोध कर शेख हसीना को पदच्युत करें। मोहम्मद यूनुस इसमें सफल रहे और शेख हसीना को अपनी जान बचाकर भारत में शरण लेना पड़ा। इसके बाद से ही भारत और बांग्लादेश के रिश्ते खराब होते चले गए। बांग्लादेश में मनोनीत प्रधानमंत्री के रूप में काम कर रहे मोहम्मद यूनुस ने इस दरमियान पाकिस्तान और चीन के साथ मिलकर भारत के खिलाफ खूब साजिश रची। लेकिन 17 फरवरी 2026 को मोहम्मद यूनुस प्रधानमंत्री पद से हट गए। क्योंकि बांग्लादेश में हुए चुनाव के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारीख रहमान ने बांग्लादेश के नए प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली। वह भी अब भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहते हैं। जो डिफरेंस भारत के साथ मोहम्मद यूनुस के समय पैदा हुए थे। उसे अब बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की तरह भारत के साथ रिश्ता बनाना चाहते हैं। यानी जो कट्टरपंथी भारत के साथ बांग्लादेश के संबंध खराब करना चाहते थे। वह उन्हें सही ठिकाने भेजने के लिए तैयार हैं।

आरिफ मोहम्मद खान को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

सूत्र के अनुसार अब खबर यह निकाल कर आ रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी माने जाने वाले पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को, केंद्र सरकार नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है। आपको बता दें कि राज्यपालों में हरित मोहम्मद खान का नाम ही एक ऐसा नाम है जो मोदी सरकार के सबसे भरोसेमंद राज्यपाल के नाम में शुमार है। दरअसल केंद्र सरकार ने आरिफ मोहम्मद खान को केरल से बिहार एक विशेष उद्देश्य से भेजा था। केंद्र के भरोसेमंद रहे आरिफ मोहम्मद खान ने उसे भरोसे को कायम रखा और मिशन को लगभग पूरा किया। केंद्र सरकार अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपने जा रही है।

आरिफ मोहम्मद खान को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

बांग्लादेश में भारत के राजदूत नियुक्त हो सकते हैं आरिफ मोहम्मद खान !

हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन सूत्र बताते हैं कि आरिफ मोहम्मद खान को भारत सरकार बांग्लादेश में अपना राजदूत नियुक्त कर सकती है। यह सच है कि दूसरे देश में उच्चायुक्त की नियुक्ति आमतौर पर आईएफएससी अधिकारी यानी भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी को ही किया जाता है। लेकिन केंद्र सरकार आरिफ मोहम्मद खान के नाम पर उच्चायुक्त की नियुक्ति को लेकर चली आ रही प्रथा को भी तोड़ सकती है। ऐसा माना जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी आरिफ मोहम्मद खान को जिस भी मिशन में लगाया जाता है वह उसे पूरा जरूर करते हैं। वर्तमान वैश्विक स्थिति और भारत के पड़ोसी देशों में जिस प्रकार के हालात हैं। इस स्थिति में अगर आरिफ मोहम्मद खान को बांग्लादेश में ऊंचा युक्त बनाकर भेजा जाता है तो निश्चित तौर पर बांग्लादेश के साथ भारत के संबंध न सिर्फ पहले की तरह हो सकते हैं बल्कि संबंध पहले से भी बेहतर हो सकते हैं। भारत सरकार अगर बिहार के पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को बांग्लादेश में राजदूत नियुक्त करती है तो, वह वर्तमान उच्चायुक्त प्रणय कुमार वर्मा का स्थान ग्रहण करेंगे। अब यह होगा या नहीं होगा और होगा तो कब तक होगा। यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन इतना तय है कि जिस प्रकार से केंद्र की सरकार निर्णय ले रही है उसमें कुछ भी असंभव नहीं है।

बांग्लादेश में भारत के राजदूत नियुक्त हो सकते हैं आरिफ मोहम्मद खान !


हरिवंश के बाद आरिफ मोहम्मद खान

जैसा कि सभी जानते हैं कि राज्यसभा में उपसभापति के तौर पर विराजमान हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को ही समाप्त हो गया था। 2026 में जनता दल यूनाइटेड ने तीसरी बार हरिवंश जी को राज्यसभा का टिकट नहीं दिया। सभी जानते हैं कि हरिवंश जी की जगह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा में सदस्यता ग्रहण की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था तभी से यह प्रश्न उठ रहा था कि हरिवंश जी का क्या होगा। लेकिन आज ही यानी 10 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करते हुए शपथ लेने वाले थे उसके ठीक 2 घंटे पहले भारत सरकार का एक गजट सामने आता है जिसमें हरिवंश नारायण सिंह को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्यसभा का सदस्य मनोनीत करने की बात लिखी होती है। यानी अब हरिवंश नारायण सिंह जी राज्यसभा के मनोनीत सदस्य होंगे और वह उपसभापति के पद पर बने रहेंगे। यह भी एक चौंकाने वाला फैसला था। ऐसे में अगर आरिफ मोहम्मद खान को बांग्लादेश का उच्चायुक्त नियुक्त किया जाता है तो बहुत ज्यादा आश्चर्य की बात नहीं होगी।


हरिवंश के बाद आरिफ मोहम्मद खान । 

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