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धनबाद/डेस्क: कोयलांचल के बहुचर्चित पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में करीब नौ वर्षों बाद बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. सरायढेला थाना पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच समाप्त करते हुए सीजेएम धनबाद की अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है. लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में पुलिस को कई आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिल सके, जिसके बाद अनुसंधान बंद करने का फैसला लिया गया.
फाइल क्लोज
पुलिस की ओर से अदालत में सौंपे गए रिपोर्ट में कहा गया है कि धनबाद मेयर संजीव सिंह के भाई मनीष सिंह उर्फ सिद्धार्थ गौतम और महंत पांडे के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले. इसी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाया जा सका. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले के आरोपी गया सिंह की मौत हो चुकी है, जबकि संतोष और मोनू नामक अन्य आरोपियों का कोई स्पष्ट सुराग पुलिस को नहीं मिल पाया. जांच एजेंसी ने इन तथ्यों के आधार पर मामले को असत्यापित मानते हुए फाइल क्लोज कर दी है.
क्या है पूरा मामला
बता दें कि 21 मार्च 2017 को धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित स्टील गेट के पास नीरज सिंह की गाड़ी पर अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी. हमले में नीरज सिंह समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. इस सनसनीखेज घटना ने राज्यभर में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. उस समय इसे कोयलांचल में वर्चस्व की लड़ाई से जोड़कर देखा गया था. मामले में झरिया के पूर्व विधायक और धनबाद के मेयर संजीव सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था. हालांकि, इससे पहले 27 अगस्त 2025 को धनबाद की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में संजीव सिंह समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया था.
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