प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत
गुमला/डेस्क: भरनो प्रखंड क्षेत्र में लगातार बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है. प्रखंड के अमलिया गांव स्थित ऊपर टोली में जलमीनार खराब हो जाने से करीब 30 घरों की आबादी गंभीर जल संकट का सामना कर रही है. ग्रामीणों के अनुसार गांव में 15वें वित्त आयोग फंड से लगाया गया सोलर आधारित जलमीनार पिछले करीब एक महीने से खराब पड़ा हुआ है. जलापूर्ति पूरी तरह बंद रहने के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए काफी दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है.
भीषण गर्मी में पानी की समस्या ने ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. ग्रामीण अभिषेक सिंह, गुप्तेश्वर सिंह, प्रकाश सिंह, दलभंजन सिंह, विजय भूषण सिंह, बादल सिंह, यशोदा देवी, देवासी देवी, कबूतरी देवी, बसंती देवी सहित अन्य लोगों ने बताया कि जलमीनार खराब होने की जानकारी कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और पीएचईडी विभाग के कर्मियों को दी गई, लेकिन अब तक समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई. ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और उदासीनता के कारण स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार बंद होने से महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.
सुबह से लेकर शाम तक लोग पानी की तलाश में दूसरे स्रोतों पर निर्भर हैं. कई बार लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता है, जिससे दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अविलंब जलमीनार की मरम्मत कराने और नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हालात और भी खराब हो सकते हैं.
इधर इस संबंध में पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता रितेश कुमार से दूरभाष पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि संबंधित जलमीनार 15वें वित्त आयोग फंड से बनाया गया है, जिसकी देखरेख एवं मरम्मत की जिम्मेदारी पंचायत स्तर पर होती है. उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य मुखिया फंड से कराया जाएगा तथा इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों को जानकारी देने की सलाह दी गई है.
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