प्रमोद कुमार/न्यूज11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: प्रखंड मुख्यालय के बस स्टेंड परिसर में दुकानदारों से प्रस्तावित वसूली को लेकर जारी विवाद के बीच व्यवसायिक संघ अध्यक्ष दीपक राज का बयान सामने आया है. उन्होंने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बरवाडीह के गरीब व्यवसाई वर्षों से बस स्टैंड के समीप छोटी-छोटी दुकानें चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दीपक राज ने कहा कि जिन्हें राजनीति करनी है करें, लेकिन यदि बात दुकानदारों की रोजी-रोटी पर आई तो हम चुप नहीं बैठेंगे. दुकानदार गरीब जरूर हैं, लेकिन मजबूर नहीं हैं. उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह करते हुए कहा कि दुकानदारों से किसी भी प्रकार की अग्रिम राशि लेने से पहले जमीन का विधिवत हस्तांतरण कराया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और लोगों के अंदर यह विश्वास कायम हो सके कि वास्तव में दुकान निर्माण होगा.
उन्होंने कहा कि बिना जमीन हस्तांतरण के दुकानदारों से अग्रिम राशि लेना पूरी तरह अनुचित है. यदि जिला परिषद लातेहार के नाम जमीन हस्तांतरित हो जाती है तो स्थानीय लोगों और दुकानदारों के मन में पनप रहा भ्रम स्वतः समाप्त हो जाएगा. दीपक राज ने यह भी कहा कि जमीन हस्तांतरण से पहले किसी भी दुकानदार को वहां से हटाना भी गलत होगा. उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व में भी दुकानदारों को हटाने का प्रयास किया गया था, जिसके बाद कई सवाल आज तक लोगों के मन में बने हुए हैं. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब पहले दुकानें बननी थीं तो पूर्व में ली गई राशि वापस क्यों लौटाई गई और अब नए नियम बनाकर अग्रिम राशि के रूप में एक लाख रुपये की मांग क्यों की जा रही है दुकान बनने से पहले ही 750 रुपए मासिक किराया निर्धारण किस आधार पर किया गया है. साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि यदि प्रशासन और संबंधित लोग वास्तव में दुकानदारों के हितैषी हैं, तो स्ववित्तपोषित योजना के तहत दुकान निर्माण कराया जाए और मासिक किराया 350 से 400 रुपये के बीच रखा जाए. तभी लोगों को यह विश्वास होगा कि यह पहल वास्तव में गरीब दुकानदारों के हित में की जा रही है.