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रांची/डेस्क: भारत में इस साल काफी गर्मी पड़ रही है. गर्मी से पूरा देश परेसान चल रहा है. सभी कह रहे हैं कि अप्रैल के महीने में ऐसी गर्मी है तो, मई और जून में तो कई लोग गर्मी की मार से मर ही जाएंगे. पूरे देश में इस बार पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है. गर्मी की तपिश के कारण सड़कों पर कर्फ्यू जैसा माहौल देखने को मिल रहा है. शहर में हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है. इस सन्नाटा के पीछे साधारण लू या हीटवेव नहीं बल्कि कुछ और ही है. जिसका नाम आपने पहले काही सुना ही नही होगा. इस भीषण गर्मी के पीछे 'हीट डोम' है. दिल्ली, झारखंड, बिहार, लखनऊ, भोपाल से लेकर अकोला और तेलंगाना तक इस हीट डोम का असर देखने को मिल रहा है. आपकी जानकारी के लिए बता दें, दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों की सूची में से 95 शहर अकेले भारत के हैं.
तो चलिए हम आपको बताते हैं क्या होता है हीट डोम, जिसने सभी का हाल बेहाल कर दिया है. हीट डोम को समझने के लिए आप अपने किचन में रखे प्रेशर कुकर के बारे में सोच सकते हैं. जी हां, जैसा की हम सभी जानते हैं कि प्रेशर कुकर में गर्म हवा लंबे समय तक अंदर दबी रहती है और उसे निकलने के लिए जगह नहीं मिल पाती है. साथ ही अंदर की गर्म हवा बाहर नहीं आ पाती है और ना ही बाहर की ठंडी हवा अंदर जा पाती है. उसी प्रकार से हीट डोम की स्थिति में ऊपरी वायुमंडल में उच्च दबाव का एक बहुत बड़ा क्षेत्र बन जाता है, तो वह किसी ढक्कन की तरह काम करने लगता है और अंदर की गर्म हवा बाहर नहीं जा पाती है और बाहर की ठंडी हवा अंदर नहीं आ पाती है. ऐसे में सूरज इसे और गर्म करता चला जाता है और दिन प्रतिदिन यहां के तापमान में वृद्धि देखने को मिलती है.
अक्सर हम सभी हीट डोम को हीटवेव यानि की लू समझ लेते हैं, लेकिन इसमें काफी अंतर है. हीटवेव चलने की स्थिति में कुछ समय तक किसी इलाके में गर्म हवाओं का प्रभाव देखने को मिलता है और समय के साथ इसमें बदलाव भी देखने को मिलता है. मगर हीट डोम में ऐसा नहीं होता है. हीट डोम में एक बहुत बड़े भौगोलिक क्षेत्र को अपनी चपेट में लेता है और लंबे समय तक वहां गर्मी को ट्रैप यानी कैद करके रखता है. यह हीटवेव के मुकाबले अधिक विनाशकारी होता है, क्योंकि यह जल्दी खत्म नहीं होता है.
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