न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार होकर वाराणसी से कोलकाता के बीच बनने वाली छह लेन सड़क (एनएच 319बी) निमार्ण का रास्ता साफ हो गया है। इस सड़क के पांच पैकेज का काम चल रहा था, लेकिन इनमें से दो पैकेज का मामला अधर में था। केंद्र सरकार की तरफ से इस दो पैकेज को एक में तब्दील करते हुए वित्तीय मंजूरी दे दी गई है। वन क्षेत्र के कारण इस सड़क में अब टनल का निर्माण नहीं होगा। सासाराम शहर के निकट से यह सड़क गुजरेगी और इस कारण इसकी लंबाई अब 15 किलोमीटर बढ़ गई है।
इन शहरों को जोड़ेगा ये हाइवे
आपको बता दें कि बिहार को उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाली यह सड़क 61वें एनएच के रूप में अधिसूचित है। इस सड़क में पैकेज एक 27 किलोमीटर का है। यूपी के चंदौली से शुरू होने वाले इस पैकेज में बिहार में यह केवल पांच किलोमीटर है, जो कैमूर जिले में है। इसका दूसरा पैकेज भी 27 किलोमीटर का है, जो कैमूर में ही स्थित है। तीसरा पैकेज 36 किलोमीटर कैमूर और रोहतास में है। छठा पैकेज 35.2 किमी औरंगाबाद में और सातवां पैकेज 33.5 किमी गया में स्थित है। इन पांचों पैकेज का काम जारी है। इसमें समस्या रोहतास जिले में अवस्थित पैकेज चार और पांच को लेकर थी।
नए सिरे से बनी डिजाइन
जानकारी के अनुसार पैकेज चार में टनल का निर्माण होना था लेकिन वन विभाग ने इसके लिए ब्लास्ट करने की अनुमति नहीं दी थी। टीएनबी से टनल बनाने में दो-तीन गुना अधिक पैसा खर्च होता, जिस पर एनएचएआई ने आपत्ति जाहिर कर दी है। ऐसी परिस्थिति में नए सिरे से सड़क की डिजाइन बनी है। वन विभाग से बाहर इसे सासाराम शहर से ले जाने का निर्णय लिया गया है।
छह घंटे में पूरी होगी वाराणसी-कोलकाता की दूरी
इस सड़क के बनने से वाराणसी से कोलकाता की दूरी 14 घंटे के बदले केवल छह-सात घंटे हो जाएगी। इसके अलावा यूपी, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच बिहार से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। खासकर हल्दिया बंदरगाह तक मालों की आवाजाही आसान हो जाएगी।