न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अभिषेक कुमार / पटना: पटना जिला शिक्षा कार्यालय ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए सभी प्रधानाध्यापकों को दिशा-निर्देश जारी किया है। हाल ही में जिले के सरकारी स्कूलों के निरीक्षण के दौरान पाया गया था कि विद्यालय में शैक्षणिक वातावरण सही नहीं है।
शिक्षकों को जारी हुआ निर्देश
स्कूलों की इस अनदेखी पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक) सैफुर रहमान ने नाराजगी जाहिर की है। साथ ही उन्होंने प्रधानाध्यापकों को शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए कैंपस को साफ सुथरा रखने का निर्देश दिया है। जिला शिक्षा कार्यालय को सूचना मिली थी कि स्कूलों में स्थित लैब का प्रयोग बहुत कम किया जाता है। जिसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों को सप्ताह में तीन दिन प्रैक्टिकल कक्षाएं शुरू करने को कहा है। इसके लिए नोडल शिक्षक नामित किया जाएगा।
अपडेट करना होगा लैब डायरी
नोडल शिक्षक एक डायरी तैयार करेंगे जिसमें लैब में किस टॉपिक पर प्रैक्टिकल कराया गया उसे दर्ज किया जाएगा। स्कूल के प्रधानाध्यापकों को प्रतिदिन लैब डायरी अपडेट करेंगे। शिक्षकों को पाठ्यक्रम के अनुसार, सभी विषय की प्रैक्टिकल क्लास कराना होगा।
छात्रों के बीच सामूहिक चर्चा पर जोर
स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों को सिर्फ सुनने के बजाए चर्चाओं, समूह परियोजनाओं, सामूहिक चर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विज्ञान प्रदर्शनी, रोल प्ले एवं प्रयोगों में शामिल करना होगा। निर्देश में कहा गया है कि शिक्षक विद्यार्थियों के अंदर जिज्ञासा पैदा करें ताकि वे स्वयं प्रश्न पूछें और उसका उत्तर भी खोजने का प्रयास करें।
छात्रों में डाली जाएगी न्यूज पेपर पढ़ने की आदत
स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास और एक्टिव लर्निंग को ध्यान में रखते हुए स्कूल की लाइब्रेरी को सुदृढ़ बनाने का निर्देश जारी किया गया है। लाइब्रेरी में कोर्स की किताबों के साथ ही न्यूजपेपर और मैग्जीन रखने के साथ ही इसे पढ़ने की आदत बच्चों में विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। विद्यार्थियों में पढ़ने की नियमित आदत विकसित करने के साथ ही स्कूलों में रीडिंग क्लब की शुरुआत करने का निर्देश जारी हुआ है।