न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अभिषेक कुमार/पटना: जहानाबाद जिले में शिक्षा विभाग ने अनुशासन बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मैट्रिक और इंटर की कम्पार्टमेंटल परीक्षा के दौरान अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले 46 शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। विभाग की तऱफ से इन सभी शिक्षकों का वेतन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से जिले के शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है. इस बारे में अधिकारियों का कहना है कि काम में ढिलाई और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अलग-अलग केंद्रों पर थी तैनाती
मिली जानकारी के अनुसार, इन सभी शिक्षकों को कम्पार्टमेंटल परीक्षा को ठीक से कराने के लिए अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर तैनात किया गया था। लेकिन परीक्षा केंद्रों के इंचार्ज ने अपनी रिपोर्ट विभाग को भेजी, तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई। रिपोर्ट में बताया गया कि कई शिक्षक बिना किसी जानकारी के और बिना छुट्टी लिए अपनी ड्यूटी पर पहुंचे ही नहीं थे। उन्होंने इस बारे में अपने बड़े अधिकारियों से कोई अनुमति भी नहीं ली थी।
काम में लापरवाही का आरोप
विभाग ने इसे सरकारी आदेश की अवहेलना और काम के प्रति लापरवाही माना है। कार्रवाई के तहत इंटर परीक्षा में गायब रहने वाले 27 शिक्षकों का वेतन 30 अप्रैल से 11 मई तक और मैट्रिक परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले 19 शिक्षकों का वेतन 30 अप्रैल से 6 मई तक के लिए रोक दिया गया है। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के दायरे में केवल सहायक शिक्षक ही नहीं, बल्कि प्रधानाध्यापक भी शामिल हैं।
3 दिनों में देनी होगी सफाई
विभाग ने इन सभी शिक्षकों को 3 दिन का समय दिया है ताकि वे अपनी सफाई पेश कर सकें। बता दें कि विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर इन शिक्षकों ने 3 दिनों के अंदर अगर सही जवाब नहीं दिया, तो यह बात उनकी सर्विस बुक में लिख दी जाएगी, जसका असर उनके करियर पर पड़ेगा। साथ ही उन पर 'बिहार विद्यालय परीक्षा संचालन अधिनियम 1981' के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।