न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
हर्ष कुमार / नालंदा - नगरनौसा प्रखंड के मध्य विद्यालय कला कैला में बुधवार को मिड-डे मील खाने के बाद अचानक दर्जनों बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। देखते ही देखते स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक 50 से ज्यादा बच्चों को उल्टी, पेट दर्द, दस्त और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। कुछ बच्चे बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद स्कूल प्रशासन और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
हाईलाइट्स -
- नालंदा के नगरनौसा स्थित स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 50 से ज्यादा बच्चे बीमार
- उल्टी, दस्त और चक्कर की शिकायत के बाद कई बच्चे बेहोश होकर गिरे
- बच्चों को नगरनौसा PHC और चंडी रेफरल अस्पताल में कराया गया भर्ती
- मिड-डे मील में चावल और चने की सब्जी परोसी गई थी
- एक छात्रा ने खाने में संदिग्ध गोलाकार वस्तु दिखने का दावा किया
- भोजन खाने के बाद एक शिक्षक की भी तबीयत बिगड़ी
- प्रशासन ने जांच के आदेश दिए, भोजन के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे
स्कूल से अस्पताल तक मची अफरा-तफरी
घटना के बाद शिक्षकों और स्थानीय लोगों की मदद से सभी बीमार बच्चों को तुरंत नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने बच्चों का इलाज शुरू किया। जिन बच्चों की हालत ज्यादा खराब थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए चंडी रेफरल अस्पताल भेजा गया। कई अभिभावक अपने बच्चों को निजी क्लीनिक और अस्पतालों में भी लेकर पहुंचे। अस्पताल परिसर में परिजनों की भारी भीड़ जुट गई और हर कोई अपने बच्चे की हालत को लेकर परेशान दिखा।
खाने में क्या था, बच्चों ने क्या बताया?
बताया जा रहा है कि दोपहर के भोजन में बच्चों को चावल और चने की सब्जी दी गई थी। अस्पताल में भर्ती पांचवीं की छात्रा अमृता कुमारी ने बताया कि भोजन के दौरान सब्जी में एक अजीब गोलाकार चीज दिखाई दी थी। इसके बाद बच्चों में डर फैल गया। कुछ ही देर बाद कई बच्चों को उल्टी और चक्कर आने लगे। छात्रों का कहना है कि लगभग सभी बच्चों ने वही भोजन किया था। कुछ बच्चों ने यह भी आरोप लगाया कि भोजन परोसने से पहले किसी शिक्षक द्वारा खाना चखकर नहीं देखा गया। इस बात को लेकर अभिभावकों ने स्कूल की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
शिक्षक भी हुए बीमार
घटना में स्कूल के एक शिक्षक अमरेश कुमार की तबीयत भी बिगड़ गई। बताया गया कि उन्होंने भी वही मिड-डे मील खाया था, जिसके बाद उन्हें कमजोरी और चक्कर महसूस होने लगा। बाद में उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे भोजन में गड़बड़ी की आशंका और गहरा गई है।
प्रधानाध्यापिका ने क्या कहा?
स्कूल की प्रधानाध्यापिका रजनी कुमारी ने बताया कि बच्चों ने जैसे ही खाना खाना शुरू किया, कुछ मिनट बाद ही कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। किसी को उल्टी हुई तो किसी को दस्त और चक्कर की शिकायत हुई। कुछ बच्चे अचानक बेहोश भी हो गए। स्थिति गंभीर होते देख तुरंत बच्चों को अस्पताल भेजा गया और अधिकारियों को सूचना दी गई।
प्रशासन ने शुरु की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे। हिलसा एसडीओ अमित कुमार पटेल, शिक्षा विभाग के डीपीओ आनंद शंकर और डीईओ आनंद विजय ने बच्चों का हाल जाना और डॉक्टरों से पूरी रिपोर्ट ली। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भोजन के नमूनों की जांच कराई जाएगी ताकि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह सामने आ सके।
गांव में डर और गुस्सा
घटना के बाद इलाके के लोगों में डर और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच होनी चाहिए। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जारी है और ज्यादातर बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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