ब्योमकेश मिश्रा/न्यूज़11 भारत
चंदनकियारी/डेस्क: विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर वेदांता लिमिटेड ने अपनी सस्टेनेबिलिटी पहल में बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग में पिछले वर्ष की तुलना में 50% से अधिक वृद्धि हुई है. यह बढ़कर 3.97 बिलियन यूनिट (BU) तक पहुंच गया, जिससे करीब 30 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में कमी आई है.
कंपनी का कहना है कि उसका रणनीतिक धातु और क्रिटिकल मिनरल्स पोर्टफोलियो वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन और क्लीन टेक्नोलॉजी को मजबूती प्रदान कर रहा है. एल्युमिनियम, कॉपर, सिल्वर, आयरन और जिंक जैसे मटेरियल्स नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिफिकेशन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
वेदांता ने अपनी नेट जीरो यात्रा में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है. कंपनी की मेटल्स इंटेंसिटी वित्त वर्ष 2021 के 6.45 tCO₂e/tm से घटकर FY26 में 5.44 tCO₂e/tm हो गई है, जो लगभग 15% की कमी दर्शाती है. इसके अलावा कंपनी ने 365 किलो टन बायोमास का उपयोग कर अतिरिक्त 5–6 लाख टन CO₂ उत्सर्जन को कम किया है.
जल संरक्षण के क्षेत्र में भी कंपनी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, केर्न ऑयल एंड गैस और आयरन ओर बिज़नेस ‘नेट वॉटर पॉजिटिव’ बन चुके हैं, जो पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
ईएसएल स्टील लिमिटेड का योगदान
पृथ्वी दिवस 2026 के मौके पर ईएसएल स्टील लिमिटेड ने भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. कंपनी 70,000 से अधिक देशी पौधों के साथ मियावाकी वन विकसित कर रही है, जिससे हर साल लगभग 1,000–1,500 टन CO₂ अवशोषित होने की उम्मीद है.
इसके साथ ही, जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए पक्षी सर्वेक्षण और जल सुविधाओं का विकास किया जा रहा है. कंपनी को भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) से ‘ग्रीनप्रो’ प्रमाणन भी प्राप्त हुआ है, जिसमें उसके TMT उत्पाद को ग्रीन प्रोडक्ट के रूप में मान्यता मिली है.
ईएसएल स्टील ने अपशिष्ट जल प्रबंधन में भी 100% ट्रीटेड वाटर रीयूज सुनिश्चित किया है. साथ ही सिंगल-यूज प्लास्टिक खत्म करने, सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने और सौर ऊर्जा अपनाने जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं.
कंपनी का बयान
ईएसएल स्टील लिमिटेड के डिप्टी सीईओ रवीश शर्मा ने कहा, “सततता हमारे संचालन का अभिन्न हिस्सा है. हम हरित क्षेत्र विस्तार, सर्कुलर प्रथाओं और जैव विविधता को बढ़ावा देकर पर्यावरण और समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”
वैश्विक स्तर पर मिली पहचान
वेदांता के सस्टेनेबिलिटी प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है. हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड को S&P ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2026 में विश्व में पहला स्थान मिला, जबकि वेदांता ग्रुप लगातार तीसरे वर्ष इस सूची में शामिल हुआ है.
इसके अलावा, कंपनी ने CDP वाटर स्कोर A- और सप्लायर एंगेजमेंट रेटिंग A- हासिल कर ESG क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है.
निष्कर्ष
जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच वेदांता सस्टेनेबिलिटी को अपनी रणनीति के केंद्र में रखते हुए आगे बढ़ रही है. कंपनी का लक्ष्य न केवल पर्यावरण संरक्षण करना है, बल्कि हरित अर्थव्यवस्था और ऊर्जा परिवर्तन को गति देना भी है.
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