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रांची/डेस्क: नवाचार और उद्यमिता की दिशा में JSLPS ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है. अब उद्यमिता के क्षेत्र में सफलता की बारीकियों को झारखंड सखी मंडल से जुड़ी महिलाएं IIMCIP कोलकाता की मदद से समझेंगी. झारखंड के ग्रामीण अर्थ व्यवस्था में महिला उद्यमियों को दक्षता प्रदान करने के उद्देश्य से JSLPS ने IIMCIP कोलकाता के साथ MOU किया है. ये एक त्रिवर्षीय योजना के तहत काम करेगा. इस MOU के माध्यम से IIMCIP कोलकाता के द्वारा इनक्यूबेटर की भूमिका निभाते हुए राज्य के सभी 24 जिलों के 264 प्रखण्डों में सखी मंडल से जुड़ी उद्यमी महिलाएं प्रतिस्पर्धा के इस दौर में अपने उद्यम को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करने की जानकारी हासिल करेंगी. योजना के पहले चरण में लगभग 50 हजार ग्रामीण महिला उद्यमियों का आंकड़ा तैयार किया जाएगा. इनमे से सर्वश्रेष्ठ 500 महिला उद्यमियों का चयन कर समग्र उद्यम एवं व्यापार प्रबन्धन के गुर सिखाए जायेंगे. इसके साथ ही महिला उद्यमियों का सालाना टर्न ओवर कैसे करोड़ रुपए का हो , इसके लिए उच्च स्तरीय तकनीकी प्रबन्धन विधा से प्रशिक्षित किया जायेगा.
योजना के अंतर्गत सुयोग्य 150 ग्रामीण महिला उद्यमियों को इनक्यूबेशन तकनीक के द्वारा एक करोड़ वार्षिक टर्न ओवर वाले उद्यम बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके लिए JSLPS के पदाधिकारियों तथा नॉन फार्म के सामुदायिक कैडर CRP-EP को इनक्यूबेटर स्किल में दक्ष किया जायेगा. योजना अवधि पूर्ण होने के बाद भी राज्य की ग्रामीण महिला उद्यमियों को इनक्यूबेशन इकोसिस्टम की सेवा मिलती रहे, इसके लिए IIMCIP के द्वारा राज्य के प्रत्येक प्रमंडलों में एक स्थानीय इनक्यूबेटर को विकसित किया जायेगा. ये सेवा महिलाओं को बिल्कुल निः शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी. योजना के अंतर्गत उद्यमी दिदियों के लिए इक्विटी फंड, चैलेंज फंड, सॉफ्ट लोन के मद में 5 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है. ये MOU JSLPS के सी ओ ओ विष्णु परिदा और IIMCIP कोलकाता के CEO डा. विवेक कुमार रॉय के बीच हस्ताक्षर से पूर्ण हुआ. मौके पर डॉ गौरव कपूर, नितिश कुमार सिन्हा, तुमुल् तरण, धीरज पांडेय एवं निशांत देव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.