संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: झारखण्ड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर पलामू सहित पूरे राज्य में मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज 70वें दिन भी पूरी एकजुटता और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रही. अपनी सेवा शर्तों में सुधार और विभिन्न हक-अधिकारों को लेकर राज्यभर के मनरेगा कर्मी जिलों में धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन पर डटे हुए हैं. संघ की मुख्य मांगों में मनरेगा कर्मियों को ग्रेड-पे आधारित सम्मानजनक मानदेय संरचना का लाभ देना, सेवा का स्थायी समायोजन करना तथा भविष्य के लिए सामाजिक सुरक्षा की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है. आंदोलनकारियों का कहना है कि वे वर्षों से ग्रामीण विकास की रीढ़ मानी जाने वाली महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक उन्हें उचित सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक मानदेय व्यवस्था का लाभ नहीं मिल सका है.
इस लंबे चलते आ रहे गतिरोध को समाप्त करने के लिए विभागीय स्तर पर अब तक दो दौर की वार्ता भी आयोजित की जा चुकी है. इन बैठकों के दौरान कर्मियों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा तो हुई, परंतु शासन स्तर से अभी तक किसी भी विषय पर कोई स्पष्ट, ठोस और लिखित सहमति नहीं बन पाई है. इस प्रशासनिक उदासीनता को देखते हुए झारखण्ड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के पलामू जिला अध्यक्ष पंकज सिंह ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी जायज मांगों पर सरकार द्वारा सकारात्मक और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह आंदोलन और कार्य बहिष्कार अनवरत जारी रहेगा.
पलामू जिला कमेटी ने राज्य के सभी मनरेगा कर्मियों से इस निर्णायक मोड़ पर एकजुट रहने और आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करने की अपील की है. इसके साथ ही संघ ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार मनरेगा कर्मियों की समस्याओं व जनहित को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों की गंभीरता को समझेगी और शीघ्र ही कोई सकारात्मक पहल कर इस गतिरोध को समाप्त करेगी.
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