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रांची/डेस्क: ACB की लंबित प्रारंभिक जांच मामले में स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. राज्य सरकार ने आर्गुमेंट का सिनॉप्सिस जमा करने के लिए समय मांगा. कोर्ट ने राज्य सरकार को एक दिन का समय दिया है. कल आर्गुमेंट का सिनॉप्सिस जमा करने का निर्देश दिया गया है. वहीं, अन्य पक्षकारों ने बहस का ब्रीफ सिनॉप्सिस दाखिल किया. मामले में हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है.
पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने कहा था कि किसी व्यक्ति को प्रारंभिक जांच के नाम पर अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता. प्रारंभिक जांच किसी भी हाल में 3 महीने में पूरी होनी चाहिए. राज्य सरकार ने लंबित मामलों का चार्ट और आंकड़ा दाखिल किया था. राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय और अधिवक्ता विभोर मयंक ने पक्ष रखा. मामले में अधिवक्ता राजीव कुमार, अधिवक्ता नवीन कुमार और अधिवक्ता रितु कुमार की ओर से पक्ष रखा गया. मुख्य न्यायाधीश एम एस सोनक और न्यायाधीश मनोज प्रसाद की खंडपीठ में सुनवाई हुई.
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