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रांची/डेस्क: टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में आरोपी पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और OSD रहे संजीव लाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली हैं. आज सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें बेल दे दी हैं. जमानत याचिका स्वीकार होने के बाद अब आलमगीर आलम करीब दो वर्ष के बाद जेल की सलाखों से बाहर आ जाएंगे. मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एम.एम. सुंदरेश्वर और जस्टिस एन.कोटीश्वर सिंह की खंडपीठ में हुई.
बता दें कि, इससे पहले 11 जुलाई 2025 को झारखंड हाईकोर्ट ने आलमगीर आलम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद आलमगीर आलम ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 मई, 2024 को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद से ही वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे. ईडी की जांच के अनुसार, टेंडर घोटाले से जुड़े पैसों की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में कार्रवाई की गई थी.
जांच एजेंसी के मुताबिक, आलमगीर आलम के OSD संजीव कुमार लाल और उनके नौकर जहांगीर आलम के ठिकानों से करोड़ों रुपये नकद बरामद किए गए थे. ईडी ने 6 मई 2024 को छापेमारी की थी. छापेमारी में संजीव लाल के नौकर जहांगीर आलम के ठिकाने से 30 करोड़ अधिक कैश, ठिकेदार मुन्ना सिंह 2.93 करोड़ और कांट्रेक्टर राजीव सिंह के ठिकाने से 2.14 करोड़ ईडी ने बरामद किया था.
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