न्यूज़11 भारत
नई दिल्ली/डेस्क: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI को बड़ी सफलता मिली है. CBI ने इस पूरे नेटवर्क के कथित सरगना को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे मामले में नई परतें खुलकर सामने आई हैं. गिरफ्तार आरोपी की पहचान पी.वी. कुलकर्णी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से लातूर का रहने वाला बताया जा रहा है और पुणे में केमिस्ट्री लेक्चरर के तौर पर कार्यरत रहा है. जांच में सामने आया है कि वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े परीक्षा प्रक्रिया के कारण प्रश्नपत्रों तक पहुंच रखने वाली व्यवस्था से जुड़ा हुआ था.
अपने आवास पर विशेष कोचिंग सत्र चलाए
CBI की जांच के अनुसार, कुलकर्णी पर आरोप है कि उसने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर छात्रों को एकत्र किया और पुणे स्थित अपने आवास पर विशेष कोचिंग सत्र चलाए. इन सत्रों में कथित तौर पर प्रश्न, विकल्प और उत्तर छात्रों को लिखवाए गए, जिनका मिलान बाद में NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर से होने का दावा किया गया है. इससे पहले मनीषा वाघमारे को 14 मई 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका है. अब कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है.
अब तक कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी
CBI ने पिछले 24 घंटों में देशभर के कई ठिकानों पर छापेमारी की है, जिसमें मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए गए हैं. इन सभी सामग्रियों की फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि पूरे रैकेट की भूमिका स्पष्ट हो सके. जांच एजेंसी ने यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था. इसके बाद से लगातार गिरफ्तारियां और छापेमारी जारी हैं. अब तक इस केस में कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है.
ये भी पढ़ें- रिश्वत मामले में आरोपी सोनाहातू के तत्कालीन BSO संतोष कुमार सिन्हा के खिलाफ 15 साल बाद भी नहीं शुरू हो सका मुकदमा