बिहार की राजनीति और सामाजिक संघर्ष की अनकही कहानी, 29 मई को रिलीज होगी ‘द इंडियन लेनिन’

बिहार की राजनीति और सामाजिक संघर्ष की अनकही कहानी, 29 मई को रिलीज होगी ‘द इंडियन लेनिन’

अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद के जीवन और सामाजिक संघर्ष पर आधारित फिल्म ‘द इंडियन लेनिन : बाबू जगदेव’ 29 मई को रिलीज होगी। फिल्म में बिहार-झारखंड के 200 स्थानीय कलाकारों ने अभिनय किया है और सामाजिक न्याय

बिहार की राजनीति और सामाजिक संघर्ष की अनकही कहानी 29 मई को रिलीज होगी ‘द इंडियन लेनिन’

बिहार की राजनीति और सामाजिक संघर्ष की अनकही कहानी |

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क

पटना -  अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद के जीवन संघर्ष पर आधारित बहुप्रतीक्षित बायोपिक फिल्म ‘द इंडियन लेनिन : बाबू जगदेव’ आगामी 29 मई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म के निर्माता सुभाष कुमार और सिद्धार्थ कुमार ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि यह फिल्म सामाजिक न्याय, समानता और शोषित वर्गों की लड़ाई को बड़े पर्दे पर जीवंत करेगी। बाबू जगदेव प्रसाद को दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले बड़े जननेता के रूप में जाना जाता है।

हाईलाइट्स - 

  • 29 मई को रिलीज होगी ‘द इंडियन लेनिन : बाबू जगदेव’
  • बिहार-झारखंड के 200 कलाकारों ने निभाई भूमिकाएँ
  • बाबू जगदेव प्रसाद के सामाजिक संघर्षों पर आधारित है फिल्म
  • बिहार और झारखंड के कई इलाकों में हुई शूटिंग
  • फिल्म में 1932 से 1974 तक के दौर को दिखाया गया

बिहार-झारखंड में हुई फिल्म की शूटिंग

फिल्म के निर्देशक प्रेम कुमार विद्यार्थी ने बताया कि इसकी शूटिंग 2 फरवरी 2023 से बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में की गई। जहानाबाद के कुरहारी, गया के डुमरिया, इमामगंज, बांकेबाजार और झारखंड के ग्रामीण इलाकों में फिल्मांकन हुआ। फिल्म में 1932 से 1974 तक के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हालात को विस्तार से दिखाया गया है। कहानी में बाबू जगदेव प्रसाद के बचपन, पारिवारिक जीवन और सामाजिक संघर्षों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

200 स्थानीय कलाकारों ने निभाई अहम भूमिकाएं

फिल्म की खास बात यह है कि इसमें बिहार और झारखंड के करीब 200 स्थानीय कलाकारों ने अभिनय किया है। फिल्म में छुआछूत, अंधविश्वास, ऊँच-नीच, अमीरी-गरीबी और सामाजिक भेदभाव जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। दमदार संवाद और वास्तविक घटनाओं पर आधारित दृश्य दर्शकों को उस दौर की राजनीति और सामाजिक परिस्थितियों से रूबरू कराएंगे। अभिनेता संजय कुमार फिल्म में डीएसपी की महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे। निर्माताओं का दावा है कि यह फिल्म बिहार की सामाजिक और राजनीतिक चेतना को नई पहचान देगी।

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