न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल राजगीर की वादियों का आनंद अब सैलानी फिर से रोपवे के जरिए ले सकेंगे। तकनीकी मरम्मत और नियमित मेंटेनेंस के कारण पिछले 13 दिनों से बंद पड़ा रोपवे एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। सुरक्षा जांच और सफल ट्रायल के बाद प्रबंधन ने इसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित करते हुए परिचालन शुरू कर दिया है।
सुरक्षा कारणों से लगा था 'ब्रेक'
8 अप्रैल से 20 अप्रैल तक रोपवे की सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। रोपवे प्रबंधन के अनुसार, सैलानियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए समय-समय पर इसकी बारीकी से जांच और मेंटेनेंस जरूरी होती है। करीब दो सप्ताह तक चले सुधार कार्य के बाद अब इसे नया जीवन मिला है, जिससे पर्यटक बिना किसी डर के पहाड़ियों की ऊंचाई का लुत्फ उठा सकेंगे।
मलमास मेले की तैयारियों को लेकर विशेष सावधानी
आगामी मलमास मेले के दौरान राजगीर में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के जुटने की उम्मीद है। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और रोपवे प्रबंधन ने पहले ही अपनी तैयारियां पुख्ता कर ली हैं। मेले के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी बाधा न आए, इसी मकसद से इस मेंटेनेंस कार्य को समय से पहले पूरा किया गया है।
देश का गौरव है राजगीर का यह रोपवे
राजगीर का रोपवे केवल एक सवारी नहीं, बल्कि देश की धरोहर है। यह भारत के सबसे पुराने रोपवे में शुमार है, जो सैलानियों को जमीन से सैकड़ों फीट ऊपर राजगीर की पहाड़ियों और विश्व शांति स्तूप तक पहुँचाता है। हवा में झूलते हुए प्राकृतिक सौंदर्य को देखने का रोमांच ही इसे पर्यटकों की पहली पसंद बनाता है।
पर्यटन व्यवसाय में जगी नई उम्मीद
रोपवे दोबारा शुरू होने से स्थानीय होटल कारोबारियों, गाइड्स और छोटे दुकानदारों के चेहरे खिल उठे हैं। प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि गर्मी की छुट्टियों और बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह सही समय है। अब पर्यटक एक बार फिर बौद्ध धरोहरों और हरी-भरी वादियों के बीच रोपवे की इस ऐतिहासिक यात्रा का अनुभव ले सकेंगे।