न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के किशनगंज में शनिवार की रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब अनुमंडल कार्यालय परिसर स्थित एसडीपीओ (SDPO) दफ्तर में एक संदिग्ध लाल रंग की थार गाड़ी दाखिल हुई। आय से अधिक संपत्ति के मामले में चल रही हाई-प्रोफाइल जांच के बीच, रात के अंधेरे में हुई इस गतिविधि ने पुलिस महकमे को चौकन्ना कर दिया। गाड़ी से उतरे तीन लोग सीधे कार्यालय के भीतर गए और करीब 15 मिनट बाद बाहर निकले, लेकिन तभी मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दबोच लिया।
हिरासत में लिए गए तीन लोग, गाड़ी भी जब्त
जैसे ही थार (BR 11 BB 7973) परिसर से बाहर निकलने लगी, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने संदेह के आधार पर उसे रोक लिया। पूछताछ के दौरान उनकी पहचान किशनगंज के दौला पंचायत निवासी मोहम्मद हबीब, पूर्णिया के चालक सौदागर और एक नाबालिग के रूप में हुई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी मुख्यालय मंगलेश कुमार और सदर थाना की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर वाहन समेत थाने भेज दिया है।
दस्तावेजों से छेड़छाड़ की आशंका? ईओयू की रडार पर है दफ्तर
सूत्रों के मुताबिक, इस संदिग्ध यात्रा को लेकर यह आशंका जताई जा रही है कि कार्यालय से किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज या सबूत को हटाने का प्रयास किया जा रहा था। गौरतलब है कि 31 मार्च को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने तत्कालीन एसडीपीओ गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की थी। तभी से यह कार्यालय विशेष निगरानी में है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी भी दस्तावेज की चोरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
आरोपियों का दावा—"एसी खोलने आए थे," पुलिस को शक
मामले पर एसपी संतोष कुमार ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने अजीबोगरीब दलील दी है। उनका कहना है कि वे कार्यालय में लगा एसी (AC) खोलने के उद्देश्य से आए थे। रात के समय सरकारी दफ्तर में एसी मैकेनिक बनकर पहुँचने की इस बात पर पुलिस को यकीन नहीं हो रहा है। प्रशासन अब इस बात की तहकीकात कर रहा है कि इन लोगों को दफ्तर में प्रवेश करने की अनुमति किसने दी और उनका असली मकसद क्या था।