झारखंड में मेट्रो विस्तार की बड़ी तैयारी, रांची के साथ जमशेदपुर और धनबाद पर भी दौड़ेगी विकास की पटरी

झारखंड में मेट्रो विस्तार की बड़ी तैयारी, रांची के साथ जमशेदपुर और धनबाद पर भी दौड़ेगी विकास की पटरी

झारखंड में मेट्रो विस्तार की बड़ी तैयारी रांची के साथ जमशेदपुर और धनबाद पर भी दौड़ेगी विकास की पटरी 

न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क:
झारखंड में आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया गया हैं. अब राजधानी रांची के साथ जमशेदपुर और धनबाद में भी मेट्रो या तीव्र सार्वजनिक परिवहन प्रणाली शुरू करने की दिशा में काम तेज हो गया हैं. केंद्र सरकार ने राज्य सरकार द्वारा भेजे गए समग्र गतिशीलता योजना (Comprehensive Mobility Plan) में कुछ तकनीकी सुधार सुझाते हुए प्रस्ताव वापस भेजा हैं. इसे परियोजना में रुकावट नहीं, बल्कि इसे और मजबूत व प्रभावी बनाने की प्रक्रिया माना जा रहा हैं. 

अब राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि तीनों प्रमुख शहरों- रांची, जमशेदपुर और धनबाद के लिए एकीकृत और संशोधित योजना तैयार की जाए. इससे झारखंड के शहरी परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता हैं. अब तक राज्य सरकार का मुख्य फोकस केवल रांची मेट्रो परियोजना पर था, लेकिन केंद्र के नए निर्देश के बाद रणनीति में बड़ा बदलाव किया गया हैं. अब तीनों शहरों को एक साथ जोड़कर समग्र परिवहन योजना तैयार की जाएगी, ताकि आने वाले वर्षों में इन शहरों की बढ़ती आबादी, ट्रैफिक दबाव और यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेहतर व्यवस्था बनाई जा सके.

सरकार की नई रणनीति के तहत जमशेदपुर और धनबाद के लिए भी समग्र गतिशीलता योजना तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई हैं. इससे भविष्य में इन शहरों में मेट्रो रेल, रैपिड ट्रांजिट सिस्टम या अन्य आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की मजबूत नींव रखी जा सकेगी. केंद्र सरकार ने पुराने प्रस्ताव में कुछ तकनीकी कमियां बताई थी. इनमें शहरों का ट्रैफिक घनत्व, भविष्य में बढ़ने वाली यातायात जरूरतें, पर्यावरणीय प्रभाव और सड़क नेटवर्क का समुचित अध्ययन शामिल हैं. राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह बढ़ते वाहनों के दबाव, सड़क क्षमता और ट्रैफिक मैनेजमेंट का नए सिरे से आकलन करे.

समग्र गतिशीलता योजना किसी भी शहर में मेट्रो परियोजना की आधारशिला मानी जाती हैं. इसमें मौजूदा ट्रांसपोर्ट सिस्टम, जनसंख्या वृद्धि, यात्रा पैटर्न, ट्रैफिक लोड और भविष्य की जरूरतों का विस्तृत अध्ययन किया जाता हैं. इसके आधार पर तय होता है कि किस शहर में मेट्रो, बस रैपिड ट्रांजिट, फ्लाईओवर या अन्य सुविधाओं की जरूरत हैं. यदि यह योजना सफलतापूर्वक आगे बढ़ती है, तो झारखंड के तीन बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम से राहत, प्रदूषण में कमी और लोगों को तेज, सुरक्षित व आधुनिक यात्रा सुविधा मिल सकती हैं. इससे राज्य के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद हैं. 

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