न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार से ठीक पहले एनडीए खेमे में सीटों के तालमेल को लेकर बड़ी अपडेट आई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने की तैयारी चल रही है। चर्चा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडे के विधायक बनने के बाद खाली हुई विधान परिषद की सीट पर दीपक प्रकाश को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
पिछली सरकार में बिना सदन सदस्य रहे बने थे मंत्री
दीपक प्रकाश का सियासी सफर काफी दिलचस्प रहा है। पिछली सरकार के दौरान वे किसी भी सदन (विधानसभा या विधान परिषद) के सदस्य नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। नियमों के मुताबिक, मंत्री पद पर बने रहने के लिए 6 महीने के भीतर सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है। ऐसे में मंगल पांडे द्वारा खाली की गई सीट उनके लिए एक सुरक्षित विकल्प मानी जा रही है।
चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना, उपचुनाव का पूरा शेड्यूल
चुनाव आयोग ने खाली हुई इस एक सीट के लिए चुनावी कार्यक्रम जारी कर दिया है:
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नामांकन: 23 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक।
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स्क्रूटनी: 2 मई तक दस्तावेजों की जांच होगी।
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नाम वापसी: 4 मई तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।
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मतदान (जरूरत पड़ने पर): यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरे, तो 12 मई को वोटिंग होगी।
उपेंद्र कुशवाहा और एनडीए का नया समीकरण
दीपक प्रकाश को एमएलसी बनाने का फैसला बिहार में एनडीए के भीतर सीटों के संतुलन और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है। कैबिनेट विस्तार से पहले उन्हें सदन में भेजने की यह कवायद संकेत देती है कि भविष्य की नई कैबिनेट में भी उनकी भूमिका काफी अहम रहने वाली है।