न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क ( अस्मित, पटना) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज से राज्य के आम लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के लिए 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है। यह कदम पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उस परंपरा को आगे बढ़ाने जैसा है, जिसमें मुख्यमंत्री सीधे जनता से मिलकर उनकी शिकायतें सुनते थे। पटना में आज सुबह से ही बिहार के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं।
हर शिकायत खुद सुनेंगे मुख्यमंत्री
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद एक-एक फरियादी की बात सुन रहे हैं। चाहे मामला भूमि विवाद का हो, शिक्षा का हो या प्रशासन की लापरवाही का, मुख्यमंत्री हर आवेदन पर गौर कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य जनता और सरकार के बीच की दूरी को कम करना और लोगों के मन में प्रशासन के प्रति विश्वास पैदा करना है।
ऑन द स्पॉट समाधान
सरकार का दावा है कि इस कार्यक्रम का मकसद सिर्फ आवेदन लेना नहीं, बल्कि 'ऑन द स्पॉट' समाधान करना है। दरबार में सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित मंत्री मौजूद हैं। जैसे ही कोई शिकायत मुख्यमंत्री के पास पहुंच रही है, वे तुरंत संबंधित विभाग के अधिकारियों को बुलाकर निर्देश दे रहे हैं कि इस समस्या का निपटारा तुरंत किया जाए।
अधिकारी और विभाग पूरी तरह तैनात
कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने के लिए अधिकारियों की बड़ी टीम तैनात की गई है। शिकायतों के आधार पर अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं, जहां विभागों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। इससे शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी आ रही है। फरियादियों के बैठने, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी खास ख्याल रखा गया है।
नई सरकार, वही सुशासन की परंपरा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार की इस परंपरा को अपनाकर यह संदेश दिया है कि नई एनडीए सरकार विकास और सुशासन के पुराने मॉडल को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाएगी। यह कार्यक्रम अब नियमित अंतराल पर आयोजित किया जाएगा, ताकि राज्य के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को अपनी आवाज उठाने का सीधा मंच मिल सके।