न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: देश की राजनीति में बड़ा मोड़ लाते हुए महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण कानून 2023 अब आधिकारिक रूप से लागू हो गया हैं. केंद्रीय कानून मंत्रालय ने देर रात अधिसूचना जारी किया. इसी बीच गुरुवार को संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर जोरदार बहस जारी रही, जबकि इस मुद्दे पर आज शाम 4 बजे मतदान भी होना हैं. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि संसद में इसी कानून में संशोधन पर बहस के बीच इसे 16 अप्रैल से लागू करने की अधिसूचना क्यों जारी की गई.
यह कानून सितंबर 2023 में संसद से पारित हुआ था, जिसे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के नाम से जाना जाता हैं. इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया हैं. इसमें यह स्पष्ट कर दिया गया था कि यह आरक्षण 2027 की जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन के पूरा होने तक लागू नहीं हो सकता था. कानून लागू होने के बावजूद वर्तमान लोकसभा में महिलाओं को इसका तत्काल लाभ नहीं मिलेगा. सरकार के अनुसार, यह आरक्षण अगली जनगणना और उसके बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू किया जाएगा. माना जा रहा है कि इसका असर 2029 के आम चुनाव से देखने को मिल सकता हैं.
कानून मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रावधान अब प्रभावी हो चुके हैं. हालांकि संसद में इसी कानून में संशोधन पर बहस के दौरान अचानक अधिसूचना जारी किए जाने को लेकर कई सवाल भी उठे हैं.
यह भी पढ़े: ट्रेजरी घोटाले पर सरकार सख्त, उत्पाद सचिव अमिताभ कौशल के नेतृत्व वाली SIT करेगी जांच