न्यूज 11 भारत/ बिहार डेस्क (अश्मित सिन्हा, पटना) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन और संसाधनों की बचत के लिए की गई अपील का व्यापक असर बिहार की राजनीति में दिखने लगा है। बुधवार को पटना में आयोजित कैबिनेट की बैठक के दौरान एक ऐसा नजारा दिखा जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रधानमंत्री के आह्वान का सम्मान करते हुए बिहार सरकार के तीन मंत्री— लखेंद्र पासवान, संजय सिंह और संजय पासवान— अलग-अलग गाड़ियों के बजाय एक ही गाड़ी में सवार होकर कैबिनेट मीटिंग में पहुंचे।

सीएम सम्राट चौधरी का कड़ा निर्देश: "कम करें गाड़ियों का काफिला"
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री के विजन को आगे बढ़ाते हुए मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के लिए नई गाइडलाइन तय की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि मंत्री और निगम बोर्ड के अध्यक्ष/सदस्य अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम से कम रखें। सीएम ने जोर देकर कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को खुद उदाहरण पेश करना होगा ताकि जनता भी इससे प्रेरित हो सके।
जनता के लिए '6 सूत्री' अपील: सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे'
मुख्यमंत्री ने बिहार की जनता और सरकारी महकमे के लिए विशेष सुझाव जारी किए हैं:
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लोग अपनी निजी गाड़ियों के बजाय मेट्रो, बस और ऑटो का अधिक इस्तेमाल करें।
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सप्ताह में एक दिन को 'नो व्हीकल डे' के रूप में मनाया जाए, ताकि पर्यावरण और ईंधन दोनों की बचत हो।
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सरकारी और प्राइवेट ऑफिसों में वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
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सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि बैठकों के लिए यात्रा करने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का सहारा लें।
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सरकारी कैंटीन में स्वास्थ्य और संसाधनों को देखते हुए पाम ऑयल का इस्तेमाल कम करने की सलाह दी गई है।
पीएम मोदी का विजन: पर्यावरण और संसाधन की सुरक्षा
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दो दिनों से लगातार देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का उपयोग घटाने की अपील की है। पीएम ने मेट्रो और इलेक्ट्रिक बसों जैसे सार्वजनिक परिवहन को अपनाने पर जोर दिया है। बिहार सरकार ने इस अपील को न केवल सराहा है, बल्कि इसे धरातल पर उतारने के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' और 'वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग' जैसे आधुनिक कदम उठाने का फैसला किया है।