न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: कर्नाटक की राजनीति से बड़ी खबर सामने आ रही है. राज्य की राजनीतिक उथल-पुथल के बीच कई मीडिया रिपोर्ट्स में बड़ा दावा किया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स में कांग्रेस सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का ओहदा अब बड़ा होने वाला है. क्योंकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 28 मई, गुरुवार को पद छोड़ सकते हैं. इसका मतलब हुआ कि वह सत्ता शेयरिंग के फॉर्मूले के अनुसार, पद छोड़ने और डीके शिवकुमार के लिए रास्ता साफ करने के लिए तैयार हो मान गये है. इन खबरों के बीच यह भी खबर आ रही है कि नए मुख्यमंत्री यानी डीके शिवकुमार 30 मई को शपथ भी ले सकते हैं.
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक कांग्रेस में काफी घमसान मचा हुआ था. क्योंकि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद उपजे हालात से निबटने के लिए सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के लिए ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री पद के सत्ता शेयरिंग फॉर्मूले के बाद सियासय शांत हुई थी. तब सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाया गया था. अब जबकि ढाई साल से ज्यादा का समय बीत चुका है सत्ता शेयरिंग नहीं किए जाने से डीके गुट में नाराजगी बढ़ती जा रही थी. इस बीच केरल के नए मुख्यमंत्री का भी विवाद उठ खड़ा हो गया था, उससे निबटने के बाद कांग्रेस और पार्टी आलाकमान ने इस समस्या के समाधान के लिए पहले सिद्धारमैया और फिर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिल्ली तलब किया था.
28 मई को सिद्धारमैया मुख्यमंत्री पद से दे सकते हैं इस्तीफा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिद्धारमैया गुरुवार के पूर्वाह्न 11 बजे अपना इस्तीफा दे सकते हैं. खबर यह भी है कि सिद्धारमैया ने 28 मई को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय मांगा है. राज्यपाल से मिलने से पहले वह सुबह 9 बजे बेंगलुरु स्थित अपने आवास पर मंत्रिमंडल के सदस्यों से नाश्ते मिलेंगे. इस मीटिंग में डीके शिवकुमार भी शामिल होंगे.
सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजने की खबर
खबर यह भी है कि सिद्धारमैया के राज्यसभा भेजे जाने की शर्त पर मनाया गया है. सिद्धारमैया से दिल्ली में मुलाकात के दौरान शिवकुमार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला भी मौजूद थे. इसी बैठक के बाद सूत्रों के हवाले से यह खबर निकली है कि सिद्धारमैया को कांग्रेस राज्यसभा भेज सकती है. खबर यह भी है कि 2029 के लोकसभा चुनावों तक संगठनात्मक तैयारियों के मद्देनजर सिद्धारमैया को OBC चेहरों के रूप में पेश कर उसका कांग्रेस लाभ उठाना भी चाह रही है.
यह भी पढ़ें: 'कलकत्ता' तेल के महासागर पर बसा है' सच साबित हो गया, अशोकनगर में मिला कच्चे तेल का अकूत भंडार! अंडमान तो बदलेगा इकोनोमी!