न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए 17 अप्रैल को चुनाव होगा। सत्तारुढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से हरिवंश को इस महत्वपूर्ण पद पर फिर से निर्वाचित कराने की कोशिश की जा रही है। उनका कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होने के बाद यह पद रिक्त हो गया था।
हाईलाइट्स:
- 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारी
- 17 अप्रैल को राज्यसभा उपसभापति पद के लिए चुनाव
- हरिवंश नारायण सिंह की दोबारा ताजपोशी की संभावना
- NDA हरिवंश के नाम पर सहमति बनाने में जुटा
- विपक्ष ने चुनाव की जल्दबाजी पर उठाए सवाल
- लोकसभा में उपाध्यक्ष पद अब भी खाली, विपक्ष का हमला
- 16 अप्रैल तक नामांकन, उसी दिन विशेष सत्र भी आयोजित
- महिला आरक्षण संशोधन पर भी होगी अहम चर्चा
हरिवंश ने फिर ली राज्यसभा की शपथ
कार्यकाल समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा हरिवंश को पुनः राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया। उन्होंने 10 अप्रैल को शपथ ली। इसके बाद केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने उनके नाम पर सहमति बनाने के लिए विभिन्न दलों से बातचीत शुरू कर दी है।
लोकसभा में उपाध्यक्ष पद अब भी खाली
विपक्षी दलों ने राज्यसभा में उपसभापति चुनाव की जल्दबाजी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जहां लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद 2019 से खाली पड़ा है, वहीं सरकार राज्यसभा में तेजी दिखा रही है।
17 अप्रैल सुबह 11 बजे होगा मतदान
राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर बताया कि उपसभापति पद के लिए चुनाव 17 अप्रैल को पूर्वाह्न 11 बजे होगा। सदन में दस्तावेज रखे जाने के तुरंत बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी।
नामांकन की अंतिम तारीख 16 अप्रैल
उपसभापति पद के लिए उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तारीख 16 अप्रैल दोपहर 12 बजे तय की गई है। इससे पहले सदस्य अपने प्रस्ताव जमा कर सकते हैं।
16 अप्रैल को विशेष सत्र और शपथ
राज्यसभा का विशेष सत्र 16 अप्रैल को आयोजित होगा। इस दिन जिन सदस्यों ने अभी तक शपथ नहीं ली है, वे शपथ लेंगे। साथ ही महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन पर भी चर्चा की जाएगी।
विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह उपसभापति का चुनाव "जबरन" कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि जो सरकार लोकसभा में वर्षों से उपाध्यक्ष नहीं नियुक्त कर पाई, वह राज्यसभा में जल्दबाजी क्यों कर रही है।
तृणमूल और वाम दलों ने भी जताई आपत्ति
तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि कई सांसद राज्य चुनावों में व्यस्त हैं, ऐसे में चुनाव कराना जल्दबाजी है। वहीं भाकपा नेता पी. संदोश ने भी सरकार से लोकसभा उपाध्यक्ष पद को भरने में समान तत्परता दिखाने की मांग की।
हरिवंश का राजनीतिक अनुभव
हरिवंश बिहार से जदयू के उम्मीदवार के रूप में दो बार राज्यसभा सांसद रहे हैं। वह दो बार उपसभापति भी रह चुके हैं और उन्होंने उच्च सदन में कई संवेदनशील और विवादास्पद मुद्दों को संभाला है।
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