न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार में विधान परिषद (एमएलसी) की 10 सीटों पर चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव आयोग की अधिसूचना जारी होते ही एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसी बीच हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी पार्टी के लिए एक एमएलसी सीट की औपचारिक दावेदारी पेश कर दी है।
हाईलाइट्स-
- बिहार में 10 एमएलसी सीटों पर चुनाव की घोषणा के बाद सियासत तेज
- जीतन राम मांझी ने एनडीए से एक सीट की मांग की
- कहा—हम पार्टी को भी मिलनी चाहिए सम्मानजनक हिस्सेदारी
- विपक्ष RJD पर भी बोला तीखा हमला
- 1 से 8 जून तक नामांकन, 18 जून को संभावित मतदान
सीट शेयरिंग को लेकर मांझी की सख्त मांग
जीतन राम मांझी ने साफ कहा है कि उनकी पार्टी काफी समय से एनडीए के भीतर सम्मानजनक हिस्सेदारी की अपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के पास वर्तमान में पांच विधायक और एक एमएलसी मौजूद हैं, साथ ही वे स्वयं केंद्र सरकार में मंत्री हैं, इसलिए संगठन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मांझी ने यह भी तर्क दिया कि उनकी पार्टी का जनाधार और कार्यकर्ताओं की सक्रियता किसी भी अन्य सहयोगी दल से कम नहीं है। एनडीए के हर कार्यक्रम में हम कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी इसका प्रमाण है। उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले हुए कई आयोजनों में भी उनकी पार्टी ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई दबाव की राजनीति नहीं है, बल्कि गठबंधन के भीतर न्यायपूर्ण हिस्सेदारी की बात है। मांझी के अनुसार यदि उनकी पार्टी को एक एमएलसी सीट मिलती है तो इससे न केवल हम पार्टी का संगठन मजबूत होगा, बल्कि पूरे एनडीए को राजनीतिक रूप से फायदा पहुंचेगा।
गठबंधन पर जोर, लेकिन उम्मीद कायम
हालांकि अपनी मांग के साथ ही मांझी ने यह भी दोहराया कि वे एनडीए के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कोई शर्त या टकराव की स्थिति नहीं है, लेकिन सम्मानजनक प्रतिनिधित्व जरूरी है। उन्होंने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर वे गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत करेंगे। इसी दौरान मांझी ने विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आरजेडी की राजनीति को जनता अच्छी तरह समझती है और एनसीआरबी के आंकड़ों को देखकर अपराध से जुड़ी तस्वीर साफ हो जाती है। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
एमएलसी चुनाव का पूरा कार्यक्रम
गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर सदस्यों का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है। भारत निर्वाचन आयोग ने इन रिक्त सीटों के लिए चुनावी कार्यक्रम घोषित कर दिया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 से 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून तय की गई है। यदि मतदान की आवश्यकता पड़ी तो 18 जून को वोटिंग कराई जाएगी और उसी दिन शाम तक मतगणना कर परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इन सीटों में कुमुद वर्मा, प्रोफेसर गुलाम गौस, मोहम्मद फारूख और भीषम साहनी जैसे सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं एक सीट भगवान सिंह कुशवाहा के इस्तीफे के बाद खाली हुई है, जिस पर भी चुनाव होना है। इस घोषणा के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर गठबंधन समीकरण और सीट शेयरिंग की राजनीति केंद्र में आ गई है।
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