न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार की राजनीति एक ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच चुकी है। 15 अप्रैल को राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुख्यमंत्री शपथ लेने जा रहा है। इसको लेकर राजधानी पटना में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। लोकभवन में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी पुष्टि हुई है। प्रशासनिक स्तर पर हर पहलू को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और प्रबंधन की व्यापक तैयारी की जा रही है।
हाईलाइट्स:
- 15 अप्रैल को बिहार में पहली बार BJP का मुख्यमंत्री शपथ लेगा
- राजधानी पटना के लोकभवन में होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समारोह में होंगे शामिल
- 14 अप्रैल को सीएम नीतीश कुमार दे सकते हैं इस्तीफा
- भाजपा विधायक दल की बैठक में CM चेहरे पर लगेगी मुहर
- NDA विधायक दल की बैठक के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी होगी
- पटना में हाई अलर्ट, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी
- लोकभवन, राजभवन और एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
लोकभवन में तैयारियों की समीक्षा
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा की अध्यक्षता में पटना के वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी (DM), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), सभी एसपी, एडीएम और एसडीएम स्तर के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्लान और वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रशासन का लक्ष्य है कि समारोह पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो। बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। समारोह 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे आयोजित होगा, जिसमें नए मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे।
पीएम मोदी का पटना दौरा
इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीभी पटना पहुंचेंगे। जानकारी के अनुसार, वह 14 अप्रैल की शाम राजधानी पहुंचेंगे और लोकभवन में ही रात्रि विश्राम करेंगे। उनके आगमन को देखते हुए पटना एयरपोर्ट से लेकर राजभवन और अणे मार्ग तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
लोकभवन के आसपास बैरिकेडिंग की जा रही है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और विशेष सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट मोड में रखा गया है।
नीतीश कुमार देंगे इस्तीफा
राजनीतिक घटनाक्रम के तहत वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा देंगे। सूत्रों के मुताबिक, पहले कैबिनेट की बैठक होगी, जिसके बाद वह अपनी पार्टी के विधायकों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। यह बदलाव राज्य की राजनीति में एक बड़े सत्ता परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा विधायक दल की बैठक अहम
नई सरकार के गठन से पहले भाजपा विधायक दल की बैठक 14 अप्रैल को आयोजित होगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री के चेहरे पर अंतिम मुहर लगेगी। इसके बाद एनडीए के सभी घटक दलों के विधायकों की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें भाजपा द्वारा तय किए गए नेता को सर्वसम्मति से समर्थन दिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने संकेत दिया है कि पूरी प्रक्रिया पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का संशय नहीं है और सभी सहयोगी दल एकजुट हैं।
ऐतिहासिक पल की ओर बिहार
बिहार के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार होगा जब भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा। अब तक राज्य की राजनीति में क्षेत्रीय दलों का दबदबा रहा है, लेकिन यह बदलाव एक नई दिशा की ओर इशारा कर रहा है।राजधानी पटना में इस ऐतिहासिक क्षण को लेकर उत्साह और हलचल दोनों देखने को मिल रही है। प्रशासनिक तैयारियों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक, हर स्तर पर गतिविधियां तेज हैं। 15 अप्रैल का दिन बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है।
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