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देवघर/डेस्क: देवघर नगर निगम में जोन गठन और जोनल समितियों के चयन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. कई वार्ड पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन पर झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 के प्रावधानों की अनदेखी करते हुए मनमानी करने का आरोप लगाया है. पार्षदों का कहना है कि वार्ड संख्या 7, 8, 9 और 10 के बीच डढ़वा नदी स्थित है, जिससे भौगोलिक रूप से वार्ड संख्या 6 को जोन संख्या 2 में शामिल करना उचित नहीं था.
आरोप है कि वार्ड संख्या 26 को वार्ड 27, 28, 29 और 30 के साथ जोड़ा गया, जबकि इन वार्डों के बीच भौगोलिक निरंतरता नहीं है. पार्षदों के अनुसार वार्ड 26 और 27 के बीच वार्ड 24 और 25 स्थित हैं, ऐसे में यह जोन गठन झारखंड नगरपालिका अधिनियम की धारा 49(1) का उल्लंघन है.
इसके अलावा 24 अप्रैल 2026 को आयोजित बैठक को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. पार्षदों का कहना है कि कई जनप्रतिनिधि बैठक में उपस्थित नहीं थे, बावजूद इसके उन्हें जोनल चेयरमैन के लिए नामित कर दिया गया. इसे धारा 49(2) का उल्लंघन बताया गया है.
बैठक की प्रक्रिया पर भी गंभीर आपत्ति जताई गई है. आरोप है कि बैठक के बाद उपस्थिति पंजी पर किसी भी पार्षद के हस्ताक्षर नहीं लिए गए, जो नियमों के खिलाफ है. वहीं वीडियो रिकॉर्डिंग में भी कथित अनियमितताओं के प्रमाण होने की बात कही जा रही है.
पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि एक ही बैठक में जोन गठन, जोनल समिति गठन और जिला योजना समिति के सदस्य चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो नियमावली के विपरीत है. नियमानुसार पहले जोनल समितियों का गठन होना चाहिए, उसके बाद ही जिला योजना समिति के गठन की प्रक्रिया राज्य स्तर से अधिसूचना जारी होने पर की जानी चाहिए.
इस पूरे मामले में पार्षदों ने लिखित आपत्ति दर्ज कराते हुए लिए गए निर्णयों और प्रस्तावों को निरस्त करने की मांग की है.



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