न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: नामकुम आरओबी से टाटीसिल्वे होते हुये रिंगरोड को मिलाने वाली रेडियल फोरलेनल रोड पर जल्द आवागमन शुरू हो सकता है. पथ निर्माण विभाग की बुधवार को प्रोजेक्ट भवन के सभागार में हुई राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में यह बात सामने आयी. बैठक की अध्यक्षता करते हुये प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा कि जल्द से जल्द षेष बचे कार्यो को पूरा कर उदघाटन कराया जाये. यह फोरलेन राज्य की आधारभूत संरचना के विकास में मील का पत्थर साबित होगा. इससे रांची से पुरूलिया मार्ग पर आवगमन सुगम हो जायेगा.
राजधानी का बहुप्रतिक्षित नया सराय रेलवे ओवर ब्रिज का काम जल्द पूरा करने का निर्देष पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने दिया है. नया विधान सभा से लोहरदगा रेल लाइन क्रासिंग के उपर होते हुये नया सराय तक आरओबी निर्माण अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा कि राज्य की सड़के सुदृढ हालात में हैं . सभी सड़कें मोटरेबल है. यदि कहीं पाइप लाइन या केबुल के कारण सड़क प्रभावित हुआ हो तो बरसात के पहले उसे ठीक कर लिया जाये. प्रधान सचिव ने कहा कि चालू योजनाओं के काम में तेजी लाने और समय पर पूरा कराने के लिए सभी एजेंसियों को बुलाकर बैठक कर ली जाये.
बैठक में वर्तमान परिवेष में मेटेरियल की आ रही समस्या एवं अन्य तकनीकी परेषानियों को दूर करने के लिए अंर्तविभागीय बैठक जल्द की जायेगी. उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में योजनाओं की प्रगति धीमी नहीं होनी चाहिए. यह भी कहा कि सड़क और पुलों के निर्माण में राषि आड़े नहीं दी जायेगी. विभाग इसके लिए सक्षम है. जहां भी नयी योजनाओं की जरूरत हो प्रस्ताव बना कर विभाग को उपलब्ध करायें.
प्रधान सचिव ने विषेष कर रांची की योजनाओं की समीक्षा करते हुये निर्देष् दिया कि चापू टोली से कटहल मोड़ तक सड़क निर्माण के लिए निविदा जल्द निकाली जाये. उन्होंने स्पष्ट निर्देष दिया कि बरियातु रोड को जल्द से जल्द दुरूस्त किया जाये. इसके अलावा दुर्गा सोरेन चैक का लंबित कार्य अविलंब पूरा कराने का निर्देष दिया . प्रधान सचिव ने राज्य की 19 डिवीजनों में चल विभिन्न 39 योजनाओं की 90 प्रतिषत प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुये इसे शतप्रतिषत पूरा करने का निर्देष दिया. भूमि अधिग्रहण से संबंधित आंवटित राषि का जल्द आवंटन करने के लिए कहा. सड़क की कुल 222 योजनाएं स्वीकृत है. इसी तरह पुल की कुल 62 योजनाऐं स्वीकृत है.
सुनील कुमार ने कहा कि परियोजनाओं से संबंधित भूअर्जन एवं वनभूमि अपयोजन तथा अन्य व्यावहारिक समस्याओं का निराकरण ससमय किया जाये. आवष्यकता हो तो संबंधित उपायुक्त एवं अन्य सक्षम प्राधिकार से समन्वय स्थापित कर समाधान कराया जाये.
यह भी पढ़ें- BJP द्वारा किसानों के मुद्दे पर 15 से 20 मई तक राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एकदिवसीय धरना कार्यक्रम का ऐलान