प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत
भरनो/डेस्क: भरनो प्रखंड के डोंबा, डूडीया,दतिया, परवल समेत आसपास के कई गांवों में मंगलवार की शाम आए तेज आंधी-तूफान,मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया. इस प्राकृतिक आपदा से सैकड़ों एकड़ में लगी सब्जी की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे क्षेत्र के किसान गहरे सदमे में हैं.
गौरतलब है कि डोंबा गांव क्षेत्र में सब्जी उत्पादन के लिए जाना जाता है.यहां की बड़ी आबादी वर्षभर सब्जी की खेती कर अपनी आजीविका चलाती है.लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है.स्थानीय किसान गोपाल महतो ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में खीरा,भिंडी, कद्दू,फूलगोभी और बंधा गोभी की फसल लगाई थी, जो ओलावृष्टि के कारण पूरी तरह नष्ट हो गई. वहीं केदार महतो,प्रकाश महतो,शिव महतो,बालों महतो,बुधवा महतो,भास्कर महतो,और भगवती महतो के खेतों में लगी गाजर,मिर्ची और भिंडी की फसल भी बर्बाद हो गई.
किसानों का कहना है कि यदि केवल सामान्य बारिश होती तो फसलों को लाभ मिलता,लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी कमर तोड़ दी है.लगातार हो रही बारिश भी सब्जी फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है,जिससे पौधे पीले पड़ रहे हैं और उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
इधर बेमौसम बारिश और अचानक आने वाले तेज तूफानों के कारण न सिर्फ फसलें बर्बाद हो रही हैं,बल्कि कई गरीब परिवारों के आशियाने भी प्रभावित हो रहे हैं.इससे किसानों के सामने दोहरी मार की स्थिति उत्पन्न हो गई है.फसलों के नुकसान का असर अब बाजार पर भी दिखने लगा है.सब्जियों की आपूर्ति घटने से कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है,जिससे आम उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ रहा है.
किसानों ने बताया कि उन्होंने बैंकों से ऋण लेकर खेती की थी,लेकिन इस प्राकृतिक आपदा ने उन्हें और अधिक कर्ज के बोझ तले दबा दिया है.अब उन्हें ऋण चुकाने की चिंता सता रही है.किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है,ताकि उन्हें इस कठिन समय में राहत मिल सके.वहीं स्थानीय स्तर पर भी किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता महसूस की जा रही है.
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