ED कार्यालय पहुंची रांची पुलिस, इधर चढ़ गया सियासी पारा... सामने आई पक्ष-विपक्ष की प्रतिक्रिया

ED कार्यालय पहुंची रांची पुलिस, इधर चढ़ गया सियासी पारा... सामने आई पक्ष-विपक्ष की प्रतिक्रिया

ed कार्यालय पहुंची रांची पुलिस इधर चढ़ गया सियासी पारा सामने आई पक्ष-विपक्ष की प्रतिक्रिया 

न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क:
रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर पूछताछ के नाम पर मारपीट करने का गंभीर आरोप सामने आया है. इस मामले की जांच को लेकर गुरुवार की सुबह रांची के एयरपोर्ट थाना की पुलिस भारी संख्या में ईडी कार्यालय पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की. एयरपोर्ट थाना में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस अधिकारियों ने ईडी कार्यालय के अंदर जाकर सीसीटीवी फुटेज की जांच की और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की. बताया जा रहा है कि मारपीट के आरोपों की पुष्टि और साक्ष्य संकलन के लिए पुलिस द्वारा ईडी दफ्तर में मौजूद दस्तावेज़ों और वीडियो रिकॉर्डिंग को खंगाला जा रहा है. 

बता दें कि पीड़ित संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि 12 जनवरी को ईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान उनसे जबरन जुर्म कबूल कराने का दबाव बनाया गया. आरोप है कि ईडी के अफसर प्रतीक और शुभम ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उनका सिर फट गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर डीएसपी, सिटी डीएसपी, एयरपोर्ट थाना प्रभारी एवं एक इंस्पेक्टर स्वयं ईडी कार्यालय के अंदर पहुंचे और जांच में जुट गए. वहीं इस मामले को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई हैं. पक्ष-विपक्ष इसपर अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है. 

बाबूलाल मरांडी की आई प्रतिक्रिया 
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट कर गंभीर आशंका जताई हैं. उन्होंने दावा किया है कि रांची पुलिस द्वारा एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी कार्यालय को घेरने की सूचना मिल रही हैं.

बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में लिखा कि ईडी कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पुलिस-प्रशासन से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामलों से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं. उन्होंने आशंका जताई कि पुलिस कार्रवाई की आड़ में इन अहम साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने का प्रयास किया जा सकता हैं. उन्होंने आगे कहा कि झारखंड में इससे पहले भी ईडी के विरुद्ध झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं. साथ ही झामुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा ईडी पर हमले की कोशिशों का भी उन्होंने जिक्र किया. उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं जांच एजेंसियों के स्वतंत्र और निष्पक्ष काम में बाधा डालने का प्रयास हैं.

अपने पोस्ट में बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला करते हुए लिखा, “हेमंत जी, कान खोलकर सुन लीजिए… झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे. आपको भ्रष्टाचार की सजा जरूर मिलेगी.” बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और गृह मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की हैं. उन्होंने आग्रह किया कि रांची स्थित ईडी कार्यालय पर केंद्रीय बलों की तैनाती कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी तरह की साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके.

गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने जताई गंभीर आशंका
गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रांची स्थित ईडी कार्यालय को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की हैं. सांसद ने दावा किया कि झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर रांची पुलिस द्वारा ED कार्यालय को घेरने की सूचना प्राप्त हुई हैं.

निशिकांत दुबे ने अपने पोस्ट में लिखा कि ED कार्यालय में मुख्यमंत्री और पुलिस-प्रशासन से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामलों से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं. उन्होंने आशंका जताई कि पुलिस कार्रवाई की आड़ में इन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है और ईमानदार अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा सकता हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में पहले भी ED के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए है और झामुमो-कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा ED पर हमले की कोशिशें भी हुई हैं. उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं जांच एजेंसियों के स्वतंत्र और निष्पक्ष काम में बाधा डालने का प्रयास हैं. निशिकांत दुबे ने सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी निशाना साधते हुए लिखा, "हेमंत जी, कान खोलकर सुन लीजिए… झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे. आपको भ्रष्टाचार की सजा जरूर मिलेगी. झारखंड में मौजूद अवैध प्रशासन को नेस्तनाबूद करने का वक्त हैं." सांसद ने केंद्र सरकार से भी हस्तक्षेप की मांग की और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और गृह मंत्रालय (Home Ministry) से अपील की कि रांची स्थित ED कार्यालय पर केंद्रीय बलों की तैनाती कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.

झारखंड में संवैधानिक ढांचे पर प्रहार! लोकतांत्रिक व्यवस्था को तोड़ रहा शासन!! : संजय सेठ 
केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में पेयजल एवं स्वच्छता सहित कई भ्रष्टाचार की जांच कर रही ईडी कार्यालय को रांची पुलिस ने घेर लिया है. ऐसी सूचना मिली है कि भ्रष्टाचार के आरोपी के द्वारा ईडी पर मुकदमा दर्ज किया गया है. रांची पुलिस की यह कार्रवाई जांच एजेंसियों के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कार्य में बाधा डालने का कुत्सित प्रयास है. ऐसा करके झारखंड का शासन झारखंड को बंगाल बनाने पर आमादा है.

उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों का काम भ्रष्टाचार की जांच और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करना है. यह कार्य यदि झारखंड पुलिस की होती तो केंद्रीय एजेंसी को झारखंड में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की जरूरत ही नहीं पड़ती.

संजय सेठ ने कहा कि झारखंड की पूरी शासन व्यवस्था भ्रष्टाचारियों के संरक्षण में लगी है और ईडी कार्यालय को पुलिस के द्वारा घेरना उसी की एक कड़ी है. इससे पूर्व भी जेल में बैठे भ्रष्टाचारियों के द्वारा ईडी पर हमले की योजना का खुलासा हो चुका है. ऐसी स्थिति में राज्य की शासन व्यवस्था का भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देना बहुत ही गलत है. इस बात की भी आशंका से इंकार नहीं है कि ईडी कार्यालय का घेराव कर भ्रष्टाचार के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट भी किया जा सकता है. यह भी सूचना है कि ईडी ने किसी भी व्यक्ति को पूछताछ के लिए अपने कार्यालय नहीं बुलाया. उसके बाद भी उक्त व्यक्ति ने ईडी पर मुकदमा दर्ज किया है. झारखंड में ईडी की सुरक्षा सुनिश्चित हो और भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई जारी रहे, यह मेरा आग्रह है.

BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू बोले, आखिर ईडी से इतना डर क्यों ?
ईडी दफ़्तर में झारखंड पुलिस की दबिश पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि आखिर ईडी से इतना डर क्यों है ? बंगाल की राह पर झारखंड चल पड़ा हैं. पर हम लोग ऐसा होने नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि ईडी की दबिश से ये लोग बौखलाहट में है. झारखंड की पुलिस दबाव बनाने का काम कर रही है. आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड पहला राज्य है, जहां ईडी के अफसर को धमकाया जा रहा है और जान से मारने की धमकी दी जा रही है. पुलिस राज्य सरकार के टूल किट के तौर पर काम कर रही है. 

झारखंड पुलिस अपना काम कर रही: राजेश ठाकुर
वहीं, इस मामले को लेकर झारखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि झारखंड पुलिस अपना काम कर रही है, ED अपना काम कर रही है. ईडी ने कर्मचारी को बुलाकर पूछताछ किया और उस दौरान कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि उसके साथ मारपीट की गई. जिसके बाद उस कर्मचारी ने FIR दर्ज कराया कि बोतल से उसके सर को फोड़ने कि कोशिश की गई. इसी बात की जांच को लेकर पुलिस पहुंची है. इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी ऐसे बात फैला रही है जैसे मानो बीजेपी कार्यालय में पुलिस पहुंची है. राजेश ठाकुर ने कहा कि ये सही है कि अब लोग मानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी और ED के कार्यालय में कोई फर्क नहीं है. क्योंकि, भारतीय जनता पार्टी जो कहती है वही ईडी करती है. ED के कार्यालय में किसी व्यक्ति के साथ मारपीट हो और वह कंप्लेन दर्ज कराए तो झारखंड पुलिस को जांच के लिए जाना ही पड़ेगा, पूछताछ करनी ही पड़ेगी. 

ये भी पढ़ें- रांची में ईडी अधिकारियों पर लगा मारपीट का आरोप, जांच के लिए ED दफ्तर पहुंची पुलिस

 

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