न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
दरभंगा - बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने दरभंगा स्थित कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में पहली बार सीनेट बैठक में भाग लिया। विश्वविद्यालय पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने महाराज कामेश्वर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दरबार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्हें पाग और चादर भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
हाइलाइट्स -
- राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने पहली बार संस्कृत विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में लिया हिस्सा
- दरभंगा में हुआ भव्य स्वागत, पाग-चादर से किया गया सम्मान
- महाराज कामेश्वर सिंह की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
- उच्च शिक्षा में सुधार और नियमित सीनेट बैठकों पर दिया जोर
- विश्वविद्यालय, प्रशासन और मीडिया के सहयोग से सुधार का भरोसा
उच्च शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा जारी
पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि वे पहले भी दरभंगा आ चुके हैं और भविष्य में भी यहां आने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में उच्च शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार समीक्षा की जा रही है। विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति अपनी-अपनी समस्याएं और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय, प्रशासन और मीडिया के सहयोग से सुधार की उम्मीद
राज्यपाल ने सीनेट की नियमित बैठकों पर जोर देते हुए कहा कि समस्याओं को गहराई से समझकर ही ठोस समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय, प्रशासन और मीडिया के संयुक्त सहयोग से शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव है। साथ ही उन्होंने दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय को गौरव की बात बताते हुए इसके विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
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