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नई दिल्ली/डेस्क: पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले TMC को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. पार्टी ने राज्य में कथित रूप से लाखों नए मतदाताओं को जोड़े जाने के मुद्दे पर अदालत का रुख किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया. टीएमसी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि राज्य में 5 से 6 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं, जिनकी वैधता संदिग्ध हो सकती है. पार्टी का कहना था कि इससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है.
मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस तरह की याचिका पर विचार नहीं: SC
हालांकि, सुनवाई के दौरान मुख्य नयायधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मांग को सख्ती से खारिज कर दिया. अदालत ने स्पष्ट कहा कि केवल मौखिक आग्रह या मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस तरह की याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी गंभीर आरोप के समर्थन में ठोस दस्तावेज और प्रमाण आवश्यक हैं. बिना पर्याप्त साक्ष्य के जांच की मांग करना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग माना जा सकता है.
याचिका पर आगे सुनवाई से इनकार
टीएमसी की ओर से दलील दी गई कि फिलहाल उनके पास मीडिया रिपोर्ट्स ही उपलब्ध हैं और विस्तृत दस्तावेज बाद में प्रस्तुत किए जा सकते हैं. लेकिन अदालत इस तर्क से संतुष्ट नहीं हुई और याचिका पर आगे सुनवाई से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने अपने रुख में स्पष्ट किया कि चुनाव जैसे संवेदनशील मामलों में बिना पुख्ता सबूत के किसी भी आरोप को स्वीकार नहीं किया जा सकता. ऐसे मामलों में न्यायालय केवल ठोस आधार पर ही हस्तक्षेप करेगा.
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