आशिष शास्त्री/न्यूज11 भारत
सिमडेगा/डेस्क: सिमडेगा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में एडीजे नरंजन सिंह की अदालत ने कुरडेग थाना कांड संख्या 21/2017 के तहत दर्ज आर्म्स एक्ट के आरोपी को 08 वर्ष कारावास और ₹20000 जुर्माने की सज़ा सुनाई.
मामले में लोक अभियोजन निशि कच्छप ने बताया कि 16 अप्रैल 2017 को कुरडेग पुलिस गश्ती में निकली थी. इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि कुरडेग बस स्टैंड के पास स्थित शौचालय के करीब कुछ संदिग्ध लोग खड़े है. सूचना के आलोक में पुलिस की गश्ती टीम त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंची. जहां मौजूद संदिग्धों के द्वारा शौचालय की दीवार पर प्रतिबंधन उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के नामक उग्रवादी संगठन का पर्चा चिपकाते हुए पाया गया. पुलिस ने वहां मौजूद लोगों को दबोचते हुए उनकी तलाशी ली तो उनमें से एक व्यक्ति आनंद सोरेंग के पास से पुलिस को एक देशी पिस्टल, मैगजीन, 09 एमएम की जिंदा कारतूस और पीएलएफआई संगठन के कुछ पर्चे मिले. जिसपर प्रशासन और सरकार के विरुद्ध बातें लिखी थी.
पुलिस ने उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के सदस्य आनंद सोरेंग सहित अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दी. आज इसी मामले में सुनवाई करते हुए एडीजे नरंजन सिंह की अदालत ने अभियोजन पक्ष से लोक अभियोजन निशि कच्छप द्वारा पेश किए गए साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आनंद सोरेंग को दोषी करार देते हुए 08 वर्ष कारावास और ₹20000 जुर्माने की सज़ा मुक़र्रर किए.
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