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पलामू/डेस्क: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव चंद्रशेखर शुक्ला ने प्रेस वर्ता कर बताए कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा 2024 में आयोजित NEET-UG परीक्षा में व्यापक अनियमितताएं और पेपर लीक का प्रकरण सामने आया है. इस गंभीर राष्ट्रीय मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने वर्तमान केंद्र सरकार की परीक्षा प्रणाली और नीतियों पर कई सवाल खड़े किए हैं.
प्रदेश महासचिव ने बतया कि कांग्रेस कमेटी ने प्रमुख रूप से पांच मांगें रखी हैं, जिनमें देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री का अविलंब इस्तीफा या उन्हें बर्खास्त करने की बात कही गई है. इसके साथ ही, पेपर लीक की इस घटना से प्रभावित हुए सभी पीड़ित छात्रों को उचित मुआवजा देने और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन करने की पुरज़ोर वकालत की गई है. परीक्षा तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए विवादों में घिरी संस्था NTA को पूरी तरह समाप्त कर किसी अन्य विश्वसनीय सरकारी संस्था से आगामी परीक्षाओं को आयोजित कराने तथा इस पूरे काले कारोबार में शामिल कोचिंग माफियाओं पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई है.
आगे उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पूरे विषय को बेहद गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ उठाया है तथा उन्होंने पीड़ित NEET अभ्यर्थी प्रदीप नैनवाल के परिवार से मुलाकात भी की है. राहुल गांधी का स्पष्ट मानना है कि पेपर लीक सिर्फ एक परीक्षा की विफलता नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों छात्रों और उनके परिवारों के सुनहरे सपनों को पूरी तरह से तोड़कर रख देता है.
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि वर्तमान मोदी सरकार पूरी तरह से छात्र विरोधी मानसिकता के साथ काम कर रही है, जिसमें मेधावी युवाओं और उनकी प्रतिभा के सम्मान की कोई जगह नहीं बची है. प्रेस वार्ता के माध्यम से यह संकल्प दोहराया गया है कि जब तक केंद्र सरकार इन गंभीर विषयों को पूरी संवेदनशीलता के साथ स्वीकार नहीं करती, तब तक कांग्रेस पार्टी देश के युवाओं और छात्रों के हितों के लिए चुप नहीं बैठेगी. राहुल गांधी के कुशल नेतृत्व में सड़क से लेकर सदन तक इस अन्याय के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई जारी रहेगी ताकि किसी भी छात्र और नौजवान के उज्ज्वल भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न किया जा सके.
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