न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना स्थित भाजपा मुख्यालय के अटल सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नारी शक्ति और आरक्षण के संवेदनशील मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने विपक्षी गठबंधन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि महिलाओं के साथ बहुत बड़ा 'सियासी विश्वासघात' हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की आधी आबादी को उनका हक दिलाने की राह में विपक्षी दल सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़े रहे हैं।
आरजेडी और कांग्रेस पर सीधा हमला: "आरक्षण विरोधी है यह गठबंधन"
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में आरजेडी (RJD) और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि इन दलों ने महिला आरक्षण बिल का कभी दिल से समर्थन नहीं किया। लालू प्रसाद यादव की पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राजद का इतिहास ही आरक्षण विरोधी रहा है। मुख्यमंत्री ने सवालिया लहजे में पूछा, "अगर विपक्षी दल इसी तरह रोड़े अटकाते रहेंगे, तो एक साधारण परिवार की महिला आखिर कब संसद और विधानसभा की दहलीज तक पहुंचेगी?"
मोदी की प्रतिबद्धता बनाम विपक्ष का 'धोखा'
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि जहां केंद्र सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कानूनी अधिकार देने को प्रतिबद्ध है, वहीं विपक्ष केवल राजनीति में उलझा हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई केवल वोट बैंक की नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वाभिमान और उनके संवैधानिक अधिकारों की है। सम्राट चौधरी ने दावा किया कि जनता अब विपक्ष के इस दोहरे चरित्र को पहचान चुकी है।
सियासी तपिश के बीच 'बाबा धाम' की शरण
पटना में राजनीतिक तापमान बढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने पारिवारिक कार्यक्रम के तहत देवघर के लिए रवाना होंगे। यहाँ वे बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना करेंगे और राज्य की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करेंगे। हालांकि, उनके जाने के बाद भी बिहार के सियासी गलियारों में 'नारी आरक्षण बनाम विपक्ष' की बहस तेज हो गई है।