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बोकारो/डेस्क: झारखंड के कोयला क्षेत्रों में कथित भ्रष्ट गठजोड़ का एक और मामला उजागर हुआ है. कथारा कोलियरी में अधिकारियों और मजदूर संगठन से जुड़े लोगों द्वारा कर्मचारियों और उनके परिजनों से अवैध वसूली किए जाने के आरोपों के बीच CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कोलियरी के कार्मिक प्रबंधक सुभाष चंद्र पासवान और झारखंड मुक्ति मोर्चा JMM से जुड़े नेता शमशुल हक शामिल हैं, जो बोकारो जिला कार्यकारिणी सदस्य होने के साथ-साथ हिंद मजदूर किसान पंचायत के क्षेत्रीय सचिव भी बताए जाते हैं.
पहले से ही पूरे मामले पर नजर रखे हुए थी CBI
CBI की धनबाद टीम पहले से ही पूरे मामले पर नजर रखे हुए थी. टीम ने दिनभर कोलियरी कार्यालय के आसपास निगरानी की और जैसे ही शाम को कथित रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को मौके से पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से कई घंटे तक पूछताछ की गई और बाद में उन्हें आगे की जांच के लिए धनबाद ले जाया गया.
CBI ने बिछाया जाल, नेटवर्क का भंडाफोड़
बताया जा रहा है कि इस मामले की शुरुआत सुरेश किस्कू की शिकायत से हुई. उनके पिता कालू मांझी वर्ष 2024 में कथारा कोलियरी से सेवानिवृत्त हुए थे. सेवानिवृत्ति के बाद बकाया भुगतान पाने के लिए सुरेश किस्कू को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे. आरोप है कि इस दौरान उनसे अवैध धन की मांग की जा रही थी. रिश्वत देने से इनकार करने पर उन्होंने CBI से संपर्क किया. प्रारंभिक जांच के बाद CBI ने जाल बिछाया और कथित रिश्वतखोरी में शामिल इस नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया.
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