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जमशेदपुर/डेस्क: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन (डीडी) क्लब के बाहर शनिवार देर रात हुई चाकूबाजी की घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्लब के बाहर पुलिस की मौजूदगी में बदमाशों ने दो युवकों पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया. घटना में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई.
युवतियों से छेड़खानी के विरोध के बाद शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 12 बजे डीडी क्लब के अंदर युवतियों से कथित छेड़खानी का विरोध करने को लेकर दो गुटों के बीच विवाद शुरू हुआ. स्थिति बिगड़ने पर क्लब के बाउंसरों ने दोनों पक्षों को बाहर निकाल दिया. हालांकि क्लब के बाहर भी दोनों पक्षों के बीच तनाव जारी रहा और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया.
पुलिस की मौजूदगी में हुआ हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ युवकों को सुरक्षा के लिहाज से पीसीआर वैन के पास खड़ा किया. इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग वहां पहुंचे और पुलिस के सामने ही युवकों को खींचकर उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. फुटेज में पुलिसकर्मी हमलावरों को रोकने के बजाय उन्हें पकड़ने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि हमला लगातार जारी रहता है. इसी को लेकर लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते सख्ती दिखाती तो घटना को रोका जा सकता था.
दो युवक गंभीर, एक को कोलकाता रेफर किया गया
हमले में आदित्यपुर निवासी हिमांशु सिंह और प्रत्युष आनंद (प्रत्युष सिंह) गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों को तत्काल टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया.
डॉक्टरों के अनुसार:
हिमांशु सिंह के पेट पर सात गहरे चाकू के घाव हैं और उनका इलाज आईसीयू में चल रहा है. प्रत्युष आनंद के पेट, छाती और पीठ पर कई गंभीर घाव हैं. हालत बिगड़ने पर उन्हें रविवार शाम बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के अपोलो अस्पताल रेफर किया गया. दोनों की स्थिति मौजूदा समय में गंभीर बनी हुई है. परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं.
घायलों के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि यदि मौके पर मौजूद पुलिस ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई की होती तो दोनों युवकों की जान जोखिम में नहीं पड़ती. परिजनों का यह भी आरोप है कि हमले के बाद घायल युवक करीब आधे घंटे तक सड़क पर तड़पते रहे और उन्हें तत्काल अस्पताल नहीं पहुंचाया गया.
एक आरोपी हिरासत में, जांच जारी
घटना के बाद पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. साथ ही सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बाकी आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.
इस घटना के बाद शहर में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं-
- पुलिस की मौजूदगी में पीसीआर वैन के पास चाकूबाजी कैसे हो गई?
- क्या पुलिस समय पर प्रभावी हस्तक्षेप करने में विफल रही?
- क्या क्लबों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है?
- शहर के व्यस्त इलाके में अपराधियों के इतने बेखौफ होने की वजह क्या है?
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है. वहीं, सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की तत्परता को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
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