संतोष कुमार/न्यूज11 भारत
सरायकेला/डेस्क: राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र, सरायकेला के पुनरुत्थान, कला के संरक्षण एवं कलाकारों के हित से जुड़े लंबित विषयों को लेकर सरायकेला छऊ कलाकारों की एक महत्वपूर्ण बैठक गुंडिचा मंदिर परिसर में सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला महंती की अध्यक्षता में आयोजित हुई.
बैठक में राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र की वर्तमान स्थिति तथा कला एवं कलाकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई. कलाकारों ने पूर्व में उपायुक्त महोदय द्वारा विभागीय निर्देशों के आलोक में जिन चार प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था, उन चारों बिंदुओं पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ठोस प्रस्ताव तैयार करते हुए संबंधित विभाग एवं राज्य सरकार को शीघ्र भेजने की मांग पर सर्वसम्मति व्यक्त की.
बैठक में सर्वसम्मति से यह भी निर्णय लिया गया कि कलाकारों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन को अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला को सौंपकर चारों बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए प्रस्ताव राज्य सरकार को अग्रसारित करने का आग्रह किया जाएगा.
अध्यक्ष भोला महंती ने कहा
सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला महंती ने कहा कि जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार द्वारा छऊ कला और कलाकारों के उत्थान की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा चुके हैं और कई कार्य प्रक्रिया में हैं. हमें सरकार और जिला प्रशासन से पूरी उम्मीद है कि लंबित विषयों का भी शीघ्र समाधान होगा तथा बहुत जल्द कला, कलाकार और राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के दिन बदलेंगे. कलाकार सकारात्मक सोच के साथ प्रशासन एवं सरकार के प्रयासों में सहयोग करने के लिए तैयार हैं.
संरक्षक मनोज कुमार चौधरी ने कहा
एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा ऐतिहासिक चैत्र पर्व को भव्य स्वरूप प्रदान करने के साथ सरायकेला छऊ की प्रतिष्ठा बढ़ाने का कार्य किया गया है. राज्य सरकार भी कलाकारों के सम्मान, पेंशन, प्रशिक्षण और कला केंद्र के पुनरुत्थान की दिशा में लगातार पहल कर रही है. विश्वास है कि सामूहिक प्रयास से सरायकेला छऊ का गौरव और बढ़ेगा.
बैठक में कलाकारों ने कहा कि सरायकेला छऊ केवल एक नृत्य कला नहीं, बल्कि सरायकेला की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली विरासत है. इस महान कला ने सरायकेला को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाई है. यहां के अनेक गुरु एवं कलाकार पद्म सम्मान, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं. ऐसे में कला केंद्र को पुनः पूर्ण रूप से सक्रिय, व्यवस्थित एवं सशक्त बनाना आवश्यक है.
बैठक में भोला महंती, मनोज कुमार चौधरी, गुरु श्री तपन कुमार पटनायक, रंजीत आचार्य, रजेतेंदु रथ, गोपाल कुमार पटनायक, कामेश्वर भोल, गोपाबंधु तांती, गणेश परीक्षा, उदित प्रताप सिंहदेव, कुसमी पटनायक मुन्ना महाराणा, सरोज कपाट, होली कुमार, बुद्धेश्वर कुमार, बेलाद सिंह, तरुण कुमार भोल, निवारण महतो, चंद्र नारायण महंती, काली प्रसन्न सारंगी, राजेश गोप, पटम मुखी, पारस नाथ पुथाल, प्रदीप कुमार बसा, राकेश महंती, दशरथ महतो, शिव चरण साहू, राजेश महंती, रविन्द्र मोदक, शिव हेस्सा, पंकज कुमार साहू सहित वरिष्ठ एवं युवा कलाकार उपस्थित थे.
कलाकारों ने एक स्वर में कहा कि सरायकेला छऊ की गौरवशाली परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कला केंद्र संस्थान का संस्थागत सुदृढ़ीकरण, नियमित प्रशिक्षण, कलाकारों को उचित अवसर, सम्मान एवं आजीविका से जोड़ना आवश्यक है. इसके लिए कलाकार जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के साथ सकारात्मक सहयोग के लिए सदैव तैयार हैं.
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