न्यूज़11 भारत
चाईबासा/डेस्क: सारंडा जंगल को वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी घोषित किया जाएगा या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय से पहले स्थानीय ग्रामीणों की राय जानने के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) की टीम ने क्षेत्र का दौरा किया. इस दौरे का नेतृत्व झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने किया.
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार हो या न्यायपालिका, दोनों का उत्तरदायित्व जनता के प्रति है. सारंडा क्षेत्र को सैंक्चुअरी घोषित करने से पहले इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का गहराई से अध्ययन किया जा रहा है. विशेष रूप से अनुसूचित जातियों और स्थानीय निवासियों की भावनाओं और इच्छाओं को प्राथमिकता दी जा रही है.
खराब मौसम के कारण गुरुवार को GoM की टीम नहीं जा पाई सारंडा
राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि सिर्फ संरक्षण के नजरिए से नहीं, बल्कि यह भी देखा जा रहा है कि यदि यह क्षेत्र सैंक्चुअरी बनता है, तो स्थानीय लोगों के जीवन और आजीविका पर क्या असर पड़ेगा. इससे पहले गुरुवार को भी GoM की टीम को सारंडा जाना था, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका. हालांकि, सरकार के मंत्री दीपक बिरुवा वहां पहुंचे और स्थानीय स्थिति का जायजा लिया.
सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी
वित्त मंत्री ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने सारंडा मामले में जो डेडलाइन तय की है, उसका समुचित और तथ्यात्मक उत्तर सरकार की ओर से दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि सारंडा के जंगलों में पर्यावरण को कितना नुकसान हुआ, वन्यजीवों को कितनी क्षति पहुँची, इन सभी पहलुओं पर विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है. इसके आधार पर ही सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी.
राधा कृष्ण किशोर ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को स्वतंत्र रूप से कोई भी विचार विकसित करने का अधिकार है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे सरकार के अच्छे कार्यों की कभी सराहना नहीं करते. उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें जो जल, जंगल और खनिज दिए हैं, उनकी रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. फिलहाल, सारंडा को वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी घोषित करने को लेकर चल रहा यह अध्ययन अंतिम रिपोर्ट और जन-भावनाओं पर आधारित निर्णय के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगा.
ये भी पढ़ें- नव नियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू का प्रदेश भाजपा कार्यालय में जोरदार स्वागत, देखें PHOTOS