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रांची/डेस्क: खूंटी मनरेगा घोटाला मामले में चार्जशीटेड आरोपी और खूंटी विशेष प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता शशि प्रकाश को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली. कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी हैं. फैसला इस आधार पर लिया गया कि शशि प्रकाश पिछले 3 साल से जेल में है और मामले के कई अन्य आरोपियों को भी जमानत मिल चुकी हैं.
मामले में ईडी की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास और सौरभ कुमार ने अदालत में पक्ष रखा. ईडी ने आईएएस पूजा सिंघल समेत 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.तत्कालीन कार्यपालक अभियंता शशि प्रकाश के अलावा पूजा सिंघल, उनके पति अभिषेक झा, सीए सुमन सिंह, खूंटी जिला परिषद के तत्कालीन कनीय अभियंता राम विनोद सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियंता राजेंद्र जैन, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता जय किशोर चौधरी, के खिलाफ ईडी ने 200 पन्नो का आरोप पत्र दाखिल किया था. आरोप पत्र में बताया गया कि चतरा, खूंटी और पलामू में डीसी रहते हुए पूजा सिंघल के खाते में सैलरी से 1.43 करोड़ रुपये अधिक थे. ईडी ने तीनों जिलों में डीसी रहने के दौरान के अलग-अलग बैंक खातों और दूसरे निवेश की जानकारी जुटाई थी. खूंटी में मनरेगा का घोटाला फरवरी 2009 से जुलाई 2010 के बीच हुआ. उस समय पूजा सिंघल वहां की डीसी थी.
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