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धनबाद/डेस्क: Indian Institute of Technology (ISM) Dhanbad के एप्लाइड जियोफिजिक्स विभाग की ऑब्जर्वेशनल सीस्मोलॉजी लैब द्वारा आज जीएस आदिवासी हाई स्कूल, यादवपुर के छात्रों के लिए “भूकंप सूचना एवं जागरूकता आउटरीच कार्यक्रम” आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को भूकंप के बारे में बुनियादी जानकारी देना और उनसे बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक करना था. इस अवसर पर प्रो मोहित अग्रवाल ने एक इंटरैक्टिव सत्र लिया, जिसमें उन्होंने सरल भाषा में भूकंप के कारण, प्रभाव और सुरक्षा उपायों के बारे में बताया. उन्होंने कहा, “भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए जागरूकता और तैयारी बेहद जरूरी है. बच्चों को इस विषय में शिक्षित करना सुरक्षित समाज की दिशा में अहम कदम है.”
कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष प्रो. सौमेन मैती के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों की जरूरत पर जोर दिया. छात्रों ने मॉडल और डेमो के जरिए भूकंप से जुड़े कई पहलुओं को समझा और उत्साह के साथ भाग लिया.
यह कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नेशनल काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन (NCSTC) द्वारा समर्थित परियोजना के तहत आयोजित किया गया.
कार्यक्रम को सफल बनाने में शोधार्थियों और छात्रों—अभिषेक तिवारी, राहुल नागले, गोकुल, सुभाजीत मांझी, हनी तोमर, समाप्ति मंडल, श्वेता पुल्ली, हिमांशु और अंकित पटेल—का महत्वपूर्ण योगदान रहा. सीस्मोलॉजिकल ऑब्जर्वेटरी के जूनियर असिस्टेंट चंद्रप्रकाश भास्कर ने भी सहयोग किया. स्कूल के शिक्षक डॉ योगानंद झा और श्री कुमार सुंदरम छात्रों के साथ उपस्थित रहे, जिनमें से सुंदरम ने अंत में धन्यवाद ज्ञापन दिया.
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