रवि सिन्हा/न्यूज11 भारत
डुमरी/डेस्क: डुमरी के बेरमो मोड से शनिवार को तेलंगाना के नारकोटिक्स टीम एक युवक को बहुत ही नाटकीये रूप से गिरफ्तार एक सफेद इनोभा कार में बैठा कर चलते बनी. वही स्थानीय लोग इसे अपहरण की मामला समझ बैठे,लोगो ने पुलिस एक युवक का अपहरण होने सूचना दी. सूचना मिलने पर पुलिस हरकत में आ गई और उक्त वाहन का पीछा किया लेकिन नारकोटिक्स टीम की वाहन इतना तेज गति से भाग रही थी कि इसे पकड़ने के लिए तीन थाने की पुलिस लग गई और धनबाद जिले के तोपचांची थाना की पुलिस की ब्रैकेटिंग के कारण नारकोटिक्स टीम स्थानीय पुलिस के हाथ लगी. तीन तीन थाने की पुलिस द्वारा नारकोटिक्स टीम के लोगों से पूछताछ की गई तब पूरा मामला सामने आया.
टीम द्वारा स्थानीय पुलिस को बताया गया कि निमियाघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत अमरा पंचायत के तांबागुड़ियों गांव का रहने वाला सत्यम मिश्रा और इसके साथी स्पीड पोस्ट के माध्यम से तेलंगाना,हैदराबाद,मुंबई दिल्ली सहित भारत के कई राज्यों में गांजा का सप्लाई करता है. इसका खुलासा नारकोटिक्स टीम द्वारा एक अन्य युवक को गिरफ्तार करने पर पता चला. इसके बाद नारकोटिक्स टीम द्वारा डुमरी पहुंचकर इसका लोकेशन ट्रेस करते हुए डुमरी के बेरमो मोड़ से पकड़ लिया गया था. इधर स्थानीय पुलिस को बिना बताए कार्रवाई करना नारकोटिक्स टीम के लिए सिरदर्द बन गया तो वही अपहरण की घटना न होने से डुमरी और निमियाघाट पुलिस ने राहत की सांस ली है.
डुमरी और निमियाघाट की पुलिस द्वारा अपने उच्चअधिकारियों के निर्देशानुसार तेलंगाना के नारकोटिक्स टीम को निमियाघाट थाने में रखा गया और आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद रविवार सुबह कोर्ट के माध्यम तेलंगाना ले जाने का निर्देश दिया गया तब जाकर तेलंगाना की नारकोटिक्स टीम ने आरोपी युवक को गिरिडीह न्यायलय पेशकर कर रिमांड में ले लिया गया है. इधर नारकोटिक्स टीम के इंस्पेक्टर से इस मामले को लेकर पत्रकारों के पुछे किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया है.
बताया जाता है कि सत्यम मिश्रा नशे का सिंडिकेट चलाया करता है जो छोटे-छोटे पैकेट बनाकर इंडियन स्पीड पोस्ट के माध्यम से देश के कई राज्यों के शहरों में अपने अन्य साथियों के माध्यम से सप्लाई किया जा रहा था. वही सूत्रों की माने तो सत्यम मिश्रा के खाते में कई लाख रुपया हैं,पुलिस इनके सोर्स आफ इनकम का पता लगाने में जुटी हुई है. सूत्रों की माने तो डुमरी में ही सत्यम मिश्रा के कई अन्य साथी हैं जो इस नशे के व्यापार में इनका साथ दे रहे हैं. एक तरफ प्रशासन के तरफ से युवाओं को नशा मुक्ति के कई उपाय बताये जा रहे हैं. जिसके लिए जगह-जगह नुक्कड़ सभाएं की जा रही है परंतु सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं नशा मुक्ति अभियान का असर आज के युवाओं में नहीं दिख रहा है.
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