मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: खलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सीसीएल एनके एरिया के करकट्टा विश्रामपुर स्थित केडीएच परियोजना की बंद खदान के गोफ में रविवार अपराह्न करीब चार बजे एक 19 वर्षीय स्थानीय युवक कूद गया. युवक की पहचान रोहन पासवान उर्फ सोनू कुमार (19), पिता अशोक पासवान के रूप में हुई है. वह खदान से सटे बस्ती का रहने वाला था. घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए. इसके बाद सीआईएसएफ, सीसीएल के अधिकारी, खलारी एवं मैकलुस्कीगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची.
युवक की तलाश के लिए सीआईएसएफ ने ड्रोन की मदद ली, जबकि सीसीएल की रेस्क्यू टीम क्रेन एवं अन्य संसाधनों के सहारे गोफ में खोजबीन में जुटी रही. समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई पता नहीं चल सका था और राहत एवं बचाव अभियान जारी था. स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार को सोनू का जन्मदिन था और वह पढ़ाई कर रहा था. कुछ लोगों के बीच यह चर्चा रही कि वह लंबे समय से एक महंगी मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था तथा मांग पूरी नहीं होने से नाराज था. हालांकि उसकी मां ने इस तरह की किसी भी बात से इनकार करते हुए कहा कि जन्मदिन होने के कारण वह इधर आया था.
उन्होंने बताया कि बस्ती के ही वहां बकरी चरा रहे विजय कुमार ने उन्हें सूचना दी कि सोनू खदान के गोफ में कूद गया है. विजय कुमार ने बताया कि उसने सोनू को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन वह नहीं रुका और गोफ में छलांग लगा दी. घटना के बाद स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं बस्ती के लोगों में युवक की सुरक्षा को लेकर चिंता के साथ-साथ सीसीएल प्रबंधन के प्रति भारी नाराजगी भी देखने को मिली. आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सीसीएल न तो वर्षों से खदान प्रभावित इस बस्ती का समुचित पुनर्वास या मुआवजा सुनिश्चित कर रही है और न ही बंद एवं चालू खदानों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
ग्रामीणों का कहना है कि खदान क्षेत्र में कई स्थानों पर गहरी दरारें हैं, जहां से आग, धुआं और जहरीली गैस निकलती रहती है. इसके बावजूद न तो फेंसिंग की गई है और न ही चारदीवारी का निर्माण कराया गया है. ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में कई मवेशी भी इन खतरनाक स्थानों में गिर चुके हैं. ग्रामीणों ने परियोजना प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रभावितों की समस्याओं के समाधान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में परियोजना का काम पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा.
बस्ती निवासी एवं बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के जोनल अध्यक्ष रतिया गंझू ने कहा कि सीसीएल केवल अपने हितों की चिंता करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित रैयतों एवं ग्रामीणों की समस्याओं, पुनर्वास और अधिकारों को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन किए गए, लेकिन प्रबंधन ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है.
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