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रांची/डेस्क: आज के दौर में अधिकतर लोग मानते है कि मोटी सैलरी और शानदार कमाई ही खुशहाल जिंदगी की सबसे बड़ी कुंजी है लेकिन एक इंजीनियर की कहानी ने इस सोच पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया हैं. सालाना 70 लाख रुपये से ज्यादा कमाई, करोड़ों की प्रॉपर्टी और कार लोन लगभग खत्म होने के बावजूद यह शख्स अपनी जिंदगी से संतुष्ट नहीं था. वजह थी पैसा कमाने की ऐसी दौड़, जिसने उसकी निजी जिंदगी लगभग छीन ली.
रेडिट पर शेयर की अपनी कहानी
एक प्लेटफॉर्म इंजीनियर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि उसने ज्यादा कमाई के लिए एक साथ दो नौकरियां की. शुरुआत में यह फैसला सही लगा, लेकिन धीरे-धीरे इसका असर उसकी पूरी लाइफस्टाइल पर पड़ने लगा. उसने बताया कि वह पिछले एक साल से दो कंपनियों में काम कर रहा था. पहली नौकरी एक भारतीय स्टार्टअप में थी, जहां वह कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर रोजाना 4 घंटे से ज्यादा काम करता था. दूसरी नौकरी एक अमेरिकी कंपनी के भारतीय ऑफिस में थी, जहां आधिकारिक समय 8 घंटे था, लेकिन असल में 10 घंटे या उससे ज्यादा काम करना पड़ता था.
वर्क फ्रॉम होम बना जाल
दोनों नौकरियां वर्क फ्रॉम होम थीं, इसलिए शुरुआत में सबकुछ आसान लगा. घर बैठे दो जगह काम करना फायदेमंद दिखा, लेकिन कुछ ही महीनों में हालात बदल गए. इंजीनियर ने कहा कि उसका पूरा दिन लैपटॉप के सामने बीतने लगा. दोस्तों से मिलना-जुलना बंद हो गया, परिवार को समय देना मुश्किल हो गया और खुद के लिए वक्त बचना लगभग खत्म हो गया.
सैलरी बढ़ी, लेकिन सुकून नहीं मिला
इंजीनियर ने बताया कि हाल ही में अमेरिकी कंपनी ने उसकी सैलरी बढ़ा दी, जिसके बाद उसकी कुल सालाना कमाई करीब 74.5 लाख रुपये हो गई. इतनी बड़ी कमाई के बाद उसने एक नौकरी छोड़ने का फैसला किया. उसने कहा कि अब वह अपनी लाइफस्टाइल सुधारना चाहता है और टैक्स प्लानिंग को ध्यान में रखते हुए जिंदगी को थोड़ा आसान बनाना चाहता हैं. इतनी कमाई के बावजूद उसने शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश नहीं किया. इसके बजाय उसने अपनी मेहनत की कमाई से करीब 1.3 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी खरीद ली, वह भी बिना किसी कर्ज के. इसके अलावा उसकी कार का लोन भी लगभग खत्म हो चुका है यानी आर्थिक रूप से वह मजबूत स्थिति में है, लेकिन मानसिक और सामाजिक जीवन कमजोर पड़ गया था.
खरीदी सुविधाएं, मगर इस्तेमाल का समय नहीं
पोस्ट में उसने बताया कि उसने घर में जिम बनवाया, लेकिन वर्कलोड इतना ज्यादा था कि कभी इस्तेमाल ही नहीं कर पाया. गेमिंग लैपटॉप खरीदा, लेकिन खेलने का समय नहीं मिला. उसने कहा कि जिंदगी की छोटी-छोटी खुशियां, जिनके लिए लोग कमाते हैं. वही उसके हाथ से निकल गई. इंजीनियर ने अपनी संघर्ष भरी शुरुआत भी साझा की. उसने बताया कि वह एक टियर-3 कॉलेज से पढ़ा है, जहां पूरी पढ़ाई पर 5 लाख रुपये से कम खर्च हुआ. आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई के दौरान उसे छोटा लोन भी लेना पड़ा था.
करियर की शुरुआत उसने एंड्रॉइड डेवलपर के रूप में की, जहां उसे सिर्फ 1,000 से 2,000 रुपये महीना मिलता था. धीरे-धीरे उसने बैकएंड, डेवऑप्स और प्लेटफॉर्म इंजीनियरिंग में स्किल्स बढ़ाईं और कमाई को लाखों तक पहुंचाया. अब एक नौकरी छोड़ने के बाद वह अपनी प्राथमिकताओं पर दोबारा सोच रहा हैं. उसने कहा कि अब वह स्वास्थ्य, पढ़ाई और रिश्तों पर ध्यान देना चाहता हैं. साथ ही उसकी शादी भी तय हो चुकी है, इसलिए आने वाले समय में वह बेहतर और संतुलित जीवन जीना चाहता हैं. रेडिट पर उसकी पोस्ट वायरल हो गई. कई लोगों ने उसकी मेहनत की तारीफ की, तो कई यूजर्स ने कहा कि पैसा जरूरी है, लेकिन जिंदगी का असली मजा समय और रिश्तों में हैं.