न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
हाइलाइट्स -
- जल्द हो सकता है सम्राट मंत्रिमंडल का गठन
- सभी को साथ लेकर चलेंगे CM सम्राट चौधरी
- दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात की सम्राट चौधरी ने
- बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मिले सम्राट
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शपथ लेने के बाद पहली बार मंगलवार को दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी एक छोटी और औपचारिक मुलाकात की। बुधवार को पटना लौटने से पहले उन्होंने केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह के अलावा और भी कई भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी।
औपचारिक मुलाकात या मंत्रिमंडल गठन पर हुई चर्चा
बिहार में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से औपचारिक मुलाकात की। राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई इस बैठक में बिहार के विकास में और तेजी लाने की भी चर्चा की गई। राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि जब एक राज्य का मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से मिलता है तो सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं होती बल्कि विकास से संबंधित और योजना से संबंधित बातचीत भी होती है। बिहार में चुकी नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सम्राट चौधरी 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके अलावा जेडीयू से विजय चौधरी और विजेंद्र यादव ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। लेकिन एनडीए के किसी घटके दल के किसी विधायक ने मंत्री पद की शपथ नहीं ली थी। लिहाजा बिहार में मंत्रिमंडल का गठन भी जल्द से जल्द किया जाना है।
औपचारिक मुलाकात या मंत्रिमंडल गठन पर हुई चर्चा ।
10 दिन के भीतर बिहार में कर लिया जाएगा मंत्रिमंडल का गठन
सूत्र बताते हैं कि सम्राट चौधरी के पटना लौट के बाद से ही मंत्रिमंडल गठन की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। सूत्र के मुताबिक मंत्रिमंडल में 80 प्रतिशत से अधिक पुराने चेहरों को ही जगह दी जाएगी। शेष 20 प्रतिशत नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं। जिसमें पहली बार विधानसभा चुनाव जीत कर पहुंचे युवा वर्ग को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। पहले यह माना जा रहा था कि पांच राज्यों के चुनाव परिणाम जो की 4 में को आने हैं। बिहार में सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का विस्तार 4 में के बाद ही होगा। लेकिन सूत्र बताते हैं कि दिल्ली से उन्हें जल्द से जल्द मंत्रिमंडल का गठन करने का निर्देश दिया गया है। यानी यह कहा जा सकता है कि 4 में से पहले बिहार सरकार के नए मंत्रिमंडल का गठन कर लिया जाएगा।
बिहार के विकास के लिए बड़ी लकीर खींचने की है कोशिश
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विकास पुरुष भी बुलाया जाता है। अपने 20 साल के कार्यकाल में नीतीश कुमार ने विकास के जो नए आयाम लिखें, उसे सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि देश में भी सराहा जाने लगा था। क्योंकि अब बिहार में बीजेपी का पहले मुख्यमंत्री के तौर पर सम्राट चौधरी सामने है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी और सम्राट चौधरी के सामने भी नीतीश कुमार की तर्ज पर या उससे भी अधिक गति में बिहार का विकास हो उसके लिए काम करने की चुनौती है। निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि केंद्र में भी भाजपा की सरकार है और बिहार में भी अब भाजपा का मुख्यमंत्री बैठा है। लिहाजा केंद्र से जो बिहार को मदद की राशि दी जा रही थी उसे राशि में और भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
बिहार को मिलेगी अब नई रफ्तार ।
20 नवंबर 2026 तक 5 लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि बिहार के विकास में अब राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। सम्राट चौधरी ने पत्रकारों के साथ औपचारिक मुलाकात के दौरान यह कहा था कि 20 नवंबर 2026 तक बिहार में 5 लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट आ चुका होगा। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार हेवी इंडस्ट्री, डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर और डाटा सेंटर पर तेजी से कम कर रही है। आपको बता दे कि बिहार विधानसभा 2025 के चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने बिहार में डिफेंस कॉरिडोर बनाने देश का सबसे बड़ा डाटा सेंटर बनाने और सेमीकंडक्टर की यूनिट लगाने की भी बात कही थी। निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि, केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर इन सभी योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। यानी आने वाले समय में बिहार के युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार की कमी महसूस नहीं होगी।
इसे भी पढ़ें - पप्पू यादव पागल हो गया है, वो पहले अपनी मेहरारु से जाकर पूछे ...अनंत सिंह ने पप्पू यादव पर साधा निशाना