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रांची/डेस्क: पश्चिम बंगाल में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास को गिरफ्तार कर लिया गया हैं. गिरफ्तारी गुरुवार को की गई, जिसके बाद राज्य के पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई हैं.
आरोप है कि शांतनु सिन्हा बिस्वास एक संगठित वसूली और जमीन हड़पने के रैकेट से जुड़े हुए थे. जांच एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों की मदद की और जमीन कब्जाने के मामलों में भूमिका निभाई.
पूछताछ में असहयोग का आरोप
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे थे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे. कई बार समन भेजे जाने के बाद भी वे एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई. पिछले महीने ED ने उनके आवास पर छापेमारी की थी, जहां से कई अहम और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए थे. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच को मजबूत किया गया.
जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया था, ताकि वे देश से बाहर न जा सकें. यह नोटिस सभी एयरपोर्ट और सुरक्षा एजेंसियों को भेजा गया था. साथ ही उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित विभागों से संपर्क किया गया था. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अधिकारी के संबंध कथित रूप से कुख्यात अपराधियों ‘सोना पप्पू’ और ‘सन एंटरप्राइजेज’ के एमडी जॉय कामदार से जुड़े थे. इन नेटवर्क के जरिए अवैध वसूली और जमीन कब्जाने का रैकेट चलाने के आरोप लगाए गए हैं.
बता दें कि, शांतनु सिन्हा बिस्वास को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता रहा हैं. ऐसे में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी ने राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होने की संभावना हैं.
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