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रांची/डेस्क: उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. सोमवार को बदरीनाथ, केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में इस सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई है, जिससे पहाड़ों में अब सर्दी ने दस्तक दे दी है.
केदारनाथ धाम में बर्फबारी
सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे से केदारनाथ की पहाड़ियों पर बर्फ गिरनी शुरू हुई, जिसके बाद आसपास का नजारा सफेद चादर में लिपट गया.
आज और कल भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी के मुताबिक, 6 और 7 अक्टूबर को उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और कई जिलों में बारिश हो सकती है. केदारनाथ में बर्फबारी के बाद जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ऊनी कपड़े, रेनकोट और जरूरी सामान साथ लेकर ही यात्रा करें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके.
बदरीनाथ धाम की चोटियों में सीजन की पहली बर्फबारी
बदरीनाथ धाम में भी मौसम ने रुख बदल लिया है. सोमवार दोपहर बाद से धाम के आसपास की ऊंची चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई. नर नारायण पर्वत, उर्वशी पर्वत, माणा गांव और आसपास की पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं, जिससे पूरा क्षेत्र बेहद मनमोहक दृश्य में बदल गया. बदरीनाथ धाम में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड का असर बढ़ने लगा है, हालांकि बर्फबारी से श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला.
हेमकुंड में बर्फबारी
सिखों के प्रमुख तीर्थ हेमकुंड साहिब में भी मौसम ने अचानक करवट ली और दोपहर बाद हल्की बर्फबारी शुरू हो गई. यह इस सीजन की पहली बर्फबारी है, जिससे पूरे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है और वातावरण में एक अलग रौनक दिखाई दी. हेमकुंड की घाटी ने भी बर्फ की पतली परत ओढ़ ली है.
बता दें कि हेमकुंड साहिब के कपाट आगामी 10 अक्टूबर को बंद होने जा रहे हैं. उससे पहले बर्फबारी ने यात्रा को और मनमोहक बना दिया है. फिलहाल हेमकुंड में बर्फ गिरने का सिलसिला जारी है और अगर रातभर यह जारी रहा तो मंगलवार तक क्षेत्र में मोटी बर्फ की परत जमने की संभावना है.
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