कमाल उद्दीन/न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: बाढ़ के अगवानपुर गांव से फोरलेन को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे लिंक रोड का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान जिस पैन (जलनिकासी मार्ग) को भरा जा रहा है, उसी से बरसात के दिनों में पूरे गांव का पानी बाहर निकलता है. यदि यह पैन भर दिया गया तो गांव में जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी और पूरा गांव डूब सकता है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका है.
ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें सड़क बनने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वे सड़क को अलंग (सरकारी भूमि) पर बनाने की मांग कर रहे हैं, न कि पैन को भरकर. ग्रामीण सुधा सिंह ने कहा कि सड़क के एक ओर स्थित पैन को मिट्टी से भरा जा रहा है, जबकि यही पैन बारिश के समय गांव के पानी की निकासी का एकमात्र रास्ता है. यदि इसे बंद कर दिया गया तो बरसात में गांव जलमग्न हो जाएगा. ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोगों ने अलंग पर अतिक्रमण कर रखा है, जिसके कारण सड़क को वहां से निकालने में कठिनाई आ रही है. इसी वजह से निर्माण एजेंसी द्वारा पैन को भरकर सड़क बनाने का प्रयास किया जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, मामले को लेकर अब प्रशासन हरकत में आया है. संबंधित पदाधिकारियों ने कथित तौर पर भूमि की नापी कराने की बात कही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहां तक सरकारी भूमि है और किन जगहों पर अतिक्रमण किया गया है. नापी के बाद ही यह तय हो पाएगा कि सड़क किस मार्ग से निकाली जाएगी. फिलहाल ग्रामीणों ने पैन भरने का काम बंद कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे.
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